पाली जिले में खुलेगी 7 नंदीशालाएं, बेसहारा गौवंशों को मिलेगा सहारा – जन सहभागिता से होगा संचालन

पाली : जिले की सड़कों पर बेसहारा घूम रहे निराश्रित नर गौवंशों को आश्रय देने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पाली जिले में “नंदीशाला जन सहभागिता योजना” के अंतर्गत सात पंचायत समितियों में नंदीशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन नंदीशालाओं का निर्माण और संचालन जनसहयोग से किया जाएगा।
संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग एवं जिला गौपालन समिति के सदस्य सचिव डॉ. ओमप्रकाश बुनकर ने बताया कि ये नंदीशालाएं रोहट, बाली, सुमेरपुर, देसूरी, रानी, मारवाड़ जंक्शन और जैतारण पंचायत समितियों में प्रस्तावित हैं। इस योजना में पंचायती राज संस्थाओं, पंजीकृत ट्रस्टों, सहकारी संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों को आवेदन की पात्रता दी गई है।
प्रत्येक नंदीशाला के लिए:
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250 नर गौवंश के लिए कम से कम 10 बीघा भूमि होना आवश्यक है।
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संस्थाओं के पास भूमि स्वामित्व में होनी चाहिए।
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गौवंश की 20 वर्षों तक देखभाल करना अनिवार्य होगा।
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योजना के तहत 90% राज्यांश और 10% संस्था का अंशदान तय किया गया है।
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कुल लागत 1.57 करोड़ रुपए आंकी गई है।
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सहायता राशि तीन किश्तों में (40%, 40%, 10%) दी जाएगी।
निर्माण कार्यों के लिए संस्था को तकनीकी विशेषज्ञों की टीम, सीए द्वारा प्रमाणित अंशदान प्रमाण पत्र, और निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार करना होगा। चयनित संस्थाओं को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से जिला गौपालन समिति द्वारा स्वीकृति दी जाएगी।
इस योजना से सड़कों पर घूम रहे बेसहारा नर गौवंशों को सुरक्षित ठिकाना मिलेगा और जिले में गौसंवर्धन को बढ़ावा मिलेगा।
अधिक जानकारी के लिए इच्छुक संस्थाएं संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, पाली कार्यालय से कार्यालय समय में संपर्क कर सकते हैं।



