वरिष्ठ नागरिकों ने उठाई 21 सूत्रीय मांगें, सरकार से जल्द समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
रेलवे रियायत बहाल करने से लेकर ₹5000 पेंशन तक की मांग, केंद्र-राज्य सरकार को भेजा जाएगा ज्ञापन

पाली : वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान ने प्रदेशभर के वरिष्ठजनों की समस्याओं को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 21 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया है। संस्थान के अध्यक्ष लखपतराज सिंघवी एवं सभाध्यक्ष देवराज शर्मा ने बताया कि 4-5 अप्रैल को चित्तौड़गढ़ में आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में मिले सुझावों के आधार पर यह मांग पत्र तैयार किया गया है, जिसे प्रदेशाध्यक्ष भंवर सेठ और महामंत्री मदनलाल खटोड़ के नेतृत्व में अंतिम रूप दिया गया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम भटनागर और महासचिव कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि यह मांग पत्र केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ-साथ संबंधित मंत्रालयों को भेजा जाएगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान हो सके।
मांग पत्र में प्रमुख रूप से नेशनल पॉलिसी ऑन ओल्डर पर्सन 1999 में संशोधन कर उसे लागू करने, कोरोना काल में बंद की गई रेलवे रियायत को पुनः शुरू करने, प्रत्येक जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भवन निर्माण, स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, जेरियाट्रिक वार्ड स्थापित करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन कम से कम ₹5000 प्रतिमाह करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए बस किराए में 50 प्रतिशत छूट, अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था, हेल्पलाइन 14567 को 24 घंटे संचालित करने, आरजीएचएस योजना को सुचारू रूप से लागू करने और मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने जैसी मांगें भी रखी गई हैं।
संस्थान ने सहारा और आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव जैसी संस्थाओं में निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जमा राशि वापस दिलाने की मांग भी उठाई है। साथ ही वृद्धाश्रमों की सुविधाओं को आधुनिक बनाने और बजट बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
संस्थान के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर के वरिष्ठ नागरिक संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
इस मांग पत्र का समर्थन करते हुए कई वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।



