
नई दिल्ली/जयपुर : भारतीय रेल के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ रहा है, जहां रेलवे स्टेशन अब सिर्फ ट्रेन रुकने के स्थान नहीं, बल्कि शहर की पहचान, संस्कृति और विकास के केंद्र बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1300 से अधिक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्य में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली है।
अब इस योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित 103 स्टेशन उद्घाटन के लिए तैयार हैं, जिनमें राजस्थान के 8 प्रमुख स्टेशन भी शामिल हैं—बूंदी, माण्डलगढ़, देशनोक, गोगामेड़ी, गोविंदगढ़, मण्डावर-महुवा रोड, फतेहपुर शेखावाटी और राजगढ़।

करीब 75 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ स्थानीय कला, संस्कृति और विरासत से सजाया गया है।
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देशनोक स्टेशन पर करणी माता मंदिर की वास्तुशैली की झलक देखने को मिलती है,
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फतेहपुर शेखावाटी में शेखावाटी चित्रकला और स्थापत्य को सजीव किया गया है,
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वहीं बूंदी स्टेशन अब अपनी चित्रकला और किलों के लिए प्रसिद्ध छवि को दर्शाता है।
इन स्टेशनों पर भव्य प्रवेश द्वार, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, हाई मास्ट लाइटिंग, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और मॉडर्न टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हर स्टेशन अब एक ऐसी पहचान बन गया है जो यात्रियों के मन में शहर का पहला प्रभाव छोड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि “विकसित भारत की दिशा में यह स्टेशन केवल ढांचे नहीं, बल्कि हमारे संकल्प, हमारी संस्कृति और हमारी गति के प्रतीक हैं।”
रेलवे स्टेशन अब विकास के नए द्वार हैं, जिनकी स्वच्छता, सुरक्षा और सुंदरता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान सहित देशभर में रेल का पहिया अब केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि देश की समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ा रहा है।



