892वें स्थापना दिवस पर एकजुट हुआ घांची समाज, सोमनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

पाली : घांची समाज के 892वें स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार शाम पाली शहर में सामाजिक एकता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत सैकड़ों समाजबंधु एवं महिलाएं घांची समाज के बैनर तले एकत्रित होकर भलावतों का बास भैरूघाट से पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-थालियों की मधुर धुन के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में सोमनाथ मंदिर पहुंचे।
समाज के लोगों ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया तथा सामूहिक संध्या आरती में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश और व्यापार-रोजगार में उन्नति की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकजुटता का अनूठा माहौल देखने को मिला।
समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि घांची समाज के संस्थापक महाराजा कुमार पाल सोलंकी द्वारा ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया था। इसी गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत की स्मृति में प्रतिवर्ष घांची समाज स्थापना दिवस मनाता है। इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को समाज के इतिहास, संस्कृति और गौरवपूर्ण परंपराओं से जोड़ना भी है।

स्थापना दिवस समारोह में शहर के हर कोने से समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और अपने आराध्य देव सोमनाथ के चरणों में शीश नवाकर सामूहिक आरती की। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता और संगठन शक्ति भी देखने को मिली।
इस अवसर पर श्री क्षत्रिय घांची समाज महासभा खागड़ी के अध्यक्ष आनंद सोलंकी, ओगड़ राम पंवार, माणक पंवार, भीमराज सोलंकी, भेरूलाल भाटी, बाबूलाल बोराणा, विनोद देवड़ा, प्रकाश पंवार, गोपाल देवड़ा, गिरीश भाटी, अनिल राठौड़, भीमाराम ढाबर, सूरजमल राठौड़, राजेश परमार, नकुल देवड़ा, सुरेश परिहार, योगेश सोलंकी, सुरेश आउवा सहित सैकड़ों समाजबंधु उपस्थित रहे।
892वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बना। सोमनाथ मंदिर में हुई सामूहिक आरती और प्रार्थना ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।



