पाली के राजकीय विधि महाविद्यालय में नशा मुक्ति की अलख, युवाओं से किया समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान

पाली : युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से राजकीय विधि महाविद्यालय, पाली में ‘नशा मुक्त जीवन’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उससे बचाव के उपायों तथा समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी से अवगत कराया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तपन पुरोहित ने बताया कि राजस्थान सरकार एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत महाविद्यालय में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की गई है। इस केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है। ऐसे में युवाओं का नशे से दूर रहना केवल व्यक्तिगत आवश्यकता नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के लोगों को भी नशा छोड़ने और नशा नहीं करने के लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में डॉ. दिनेश चौधरी ने मुख्य वक्ता के रूप में विशेष व्याख्यान देते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने शराब, तंबाकू, नशीले पदार्थों और अन्य व्यसनों के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि नशे की शुरुआत अक्सर शौक या साथियों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह लत बनकर जीवन को बर्बाद कर देती है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने, खेल, योग, अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के नशा मुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. आरिफ मोयल, डॉ. नेमीचंद, डॉ. कीर्तिपाल सिंह तथा सहायक आचार्य सुश्री स्वेच्छा यादव भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से भविष्य में भी जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।



