पाली की स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्रीय टीम ने किया पांच दिवसीय ऑडिट, मेडिकल कॉलेज से गांवों के उप स्वास्थ्य केंद्रों तक परखी व्यवस्थाएं

पाली : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने पाली जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने के लिए पांच दिवसीय विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। 27 से 31 जुलाई 2026 तक मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय (ROHFW), जयपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कौशल गुप्ता के नेतृत्व में केंद्रीय स्वास्थ्य टीम ने जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का तकनीकी मूल्यांकन किया।
निरीक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, मरीजों को उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की गुणवत्ता, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, संक्रमण रोकथाम, प्रयोगशाला सेवाओं तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।

सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि केंद्रीय टीम ने राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं बांगड़ चिकित्सालय से निरीक्षण की शुरुआत की। यहां एआरटी सेंटर और टीबी अस्पताल में मरीजों के पंजीकरण, उपचार, दवा वितरण, परामर्श व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण की विस्तृत समीक्षा की गई।
इसके बाद जिला उप चिकित्सालय सोजत में ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी सेवाएं, प्रयोगशालाओं, दवा प्रबंधन, उपकरणों की उपलब्धता और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
केंद्रीय टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादड़ी में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया नियंत्रण अभियान, बुखार के मरीजों की जांच, प्रयोगशाला सेवाओं तथा स्वच्छता व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया।
इस दौरान वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कौशल गुप्ता ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, उपचार और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जवाली और मुंडारा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, लेबर रूम प्रबंधन, टीकाकरण कार्यक्रम और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई।
वहीं उप स्वास्थ्य केंद्र खारड़ा और राजपुरा में एएनएम एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वे, गर्भवती महिलाओं की निगरानी, टीकाकरण अभियान और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का भी मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कौशल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में प्रत्येक बुखारग्रस्त मरीज की समय पर मलेरिया जांच सुनिश्चित की जाए तथा संक्रमित मरीजों का तत्काल उपचार और नियमित फॉलोअप किया जाए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने रिकॉर्ड संधारण, प्रयोगशाला गुणवत्ता, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन, रोगी सुरक्षा, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के दस्तावेजीकरण को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए।

केंद्रीय टीम ने निरीक्षण के दौरान जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। साथ ही गुणवत्ता सुधार के लिए कई व्यावहारिक और समयबद्ध सुझाव भी दिए।
वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कौशल गुप्ता ने कहा कि पाली जिले की स्वास्थ्य टीम ने बेहतर समन्वय और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। यदि निरीक्षण के दौरान दिए गए सुझावों का समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाता है तो जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि राज्यों और जिलों को तकनीकी सहयोग देकर स्वास्थ्य सेवाओं में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी ROHFW जयपुर नियमित मॉनिटरिंग, तकनीकी मार्गदर्शन और फील्ड सपोर्ट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय टीम में तेजाराम मीणा, रमेश कुमार पारीक, समीसिंह मीणा और महेश जांगिड़ शामिल रहे। वहीं पाली जिले की ओर से सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. वेदांत गर्ग, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अंकित माथुर, संबंधित ब्लॉकों के बीसीएमओ, चिकित्सालय प्रभारी, विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने केंद्रीय टीम के सभी सुझावों का समयबद्ध पालन करने का भरोसा भी दिलाया।



