50 साल का इंतजार खत्म, ग्रामीण सेवा शिविर में मिला पुश्तैनी मकान का पट्टा, परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान

पाली : राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर (फॉलोअप) आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को पाली जिले की ग्राम पंचायत बोमादड़ा में आयोजित शिविर में एक परिवार की करीब 50 वर्षों से लंबित पुश्तैनी मकान के पट्टे की समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
शिविर के दौरान मनीष पुत्र मोहनलाल को उनके पुश्तैनी मकान का विधिवत पट्टा जारी किया गया। बताया गया कि पारिवारिक बंटवारे से जुड़े विवाद के कारण यह मामला करीब पांच दशक से लंबित था, जिसके चलते परिवार को कई प्रशासनिक कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर में संबंधित अधिकारियों ने सभी पक्षों को एक साथ बैठाकर आपसी सहमति से बंटवारे की प्रक्रिया पूरी करवाई। आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद मौके पर ही पुश्तैनी मकान का पट्टा जारी कर दिया गया। वर्षों से लंबित मामले का त्वरित समाधान होने पर परिवार ने राहत की सांस ली।
पट्टा प्राप्त करने के बाद लाभार्थी मनीष और उनके परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके मकान को वैधानिक पहचान मिल गई है। इससे भविष्य में संपत्ति से जुड़े कार्यों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी। परिवार ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, जिला प्रशासन और शिविर में मौजूद अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और आवास जैसे मामलों का मौके पर समाधान होने से ग्रामीणों का प्रशासन पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। बोमादड़ा का यह मामला भी इस बात का उदाहरण है कि प्रशासनिक पहल और आपसी सहमति से दशकों पुराने विवादों का समाधान संभव है।



