पाली में लग्जरी और स्लीपर बसों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, एक बस सीज, साढ़े तीन लाख के करीब जुर्माना

पाली : लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाली जिला प्रशासन ने लग्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात विशेष निरीक्षण अभियान चलाकर बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान एक बस को सीज किया गया, जबकि पांच बसों पर कार्रवाई करते हुए कुल 3 लाख 40 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमलता भारती, तहसीलदार कल्पेश जैन तथा उपाधीक्षक पुलिस (यातायात) सुघड़ सिंह की मौजूदगी में परिवहन विभाग की टीम ने बसों का तकनीकी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बसों में किए गए अनाधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन, अवैध लगेज कंपार्टमेंट, आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), निर्धारित क्षमता से अधिक बनाई गई सीटें, अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी हैमर सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की विस्तार से जांच की गई।

अभियान के दौरान कुल 7 लग्जरी एवं स्लीपर बसों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई बसों में सुरक्षा मानकों और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
परिवहन विभाग ने गंभीर अनियमितताओं के चलते एक बस को मौके पर ही सीज कर दिया, जबकि पांच बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए 3,40,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

निरीक्षण अभियान में परिवहन निरीक्षक दलपत खींची, गोपेश भाटी सहित परिवहन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि मोटर वाहन अधिनियम, एआईएस-119 तथा राज्य सरकार के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी बस संचालक को सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।



