हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह की शहादत को किया नमन, शौर्य दिवस पर गूंजे ‘मेजर साहब अमर रहें’ के नारे

पाली : जिला रावणा राजपूत समाज की ओर से बुधवार को हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह देवली का 108वां बलिदान दिवस शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर नया गांव स्थित हाइफा सर्किल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में समाजबंधुओं के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने मेजर दलपत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी वीरता, अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे। मेजर दलपत सिंह की वीरता को याद करते हुए लगाए गए ‘मेजर साहब अमर रहें’ के गगनभेदी नारों से हाइफा सर्किल गूंज उठा। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति और श्रद्धा का माहौल नजर आया।
मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि शौर्य दिवस के तहत आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने मेजर दलपत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पाली महापौर नमिता विकास बुबकिया ने मेजर दलपत सिंह की वीरता को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हाइफा के युद्ध में अपनी घुड़सवारी, ढाल और तलवार के अदम्य साहस से वीरता का परिचय दिया। उनकी शौर्यगाथा सभी के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि मेजर दलपत सिंह का जन्मस्थान पाली जिले का देवली गांव होना जिलेवासियों के लिए भी सम्मान की बात है। उनकी वीरता और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

पूर्व सांसद पुष्प जैन ने कहा कि मेजर दलपत सिंह का शौर्य केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि इजरायल में भी उन्हें सम्मान के साथ याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के इजरायल दौरे के दौरान भी मेजर दलपत सिंह के शौर्य स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहा कि मेजर दलपत सिंह की शहादत को इजरायल में भी श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। उनके जीवन, साहस और वीरता से सभी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा ने कहा कि मेजर दलपत सिंह ने अल्पायु में ही अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने मेजर दलपत सिंह के हौसले और देशभक्ति को नमन करते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने इतिहास और वीरों के जीवन से परिचित होना चाहिए तथा उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
समाज के मुख्य संरक्षक मूल सिंह भाटी एवं जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र सिंह परिहार ने मेजर दलपत सिंह के आदर्शों और बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर शिक्षा, सामाजिक चेतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता के साथ युवाओं को शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। मेजर दलपत सिंह जैसे वीरों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा को पाली उपमहापौर प्रत्याशी विक्रमपाल सिंह, विकास बुबकिया, मीना कंवर देवगढ़, शहर अध्यक्ष एडवोकेट विक्रम सिंह भैसाणा, केशर सिंह मांगलिया, ओम सिंह सोढ़ा, सुरेन्द्र सिंह परिहार, बाबू सिंह परिहार, नरपत सिंह सोलंकी, गोपाल सिंह चावड़ा, धन सिंह सोलंकी एवं शैतान सिंह राठौड़ ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने मेजर दलपत सिंह की वीरता, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, समर्पण और देशभक्ति का उदाहरण है। उन्होंने समाज के युवाओं से मेजर दलपत सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र एवं समाजहित में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जगदीश सिंह इंदा, जब्बर सिंह देवल, देवी सिंह चौहान, कान सिंह भाटी, राजू सिंह चौहान, मांगू सिंह गोयल, पूनम सिंह चौहान, बाल सिंह पंवार सहित शहर की विभिन्न इकाइयों के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मेजर दलपत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को नमन किया। शौर्य दिवस के आयोजन ने समाजबंधुओं को मेजर दलपत सिंह की वीरगाथा और उनके आदर्शों को स्मरण करने का अवसर दिया।



