जिला कारागृह में 102 बंदियों से रूबरू हुए विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव, भोजन-पानी से लेकर कानूनी सहायता तक की ली जानकारी

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने जिला कारागृह पाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागृह में कुल 102 बंदी निरूद्ध मिले। सचिव ने बंदियों से सीधे संवाद कर जेल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई तथा उनके प्रकरणों से संबंधित कानूनी स्थिति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सचिव विक्रम सिंह भाटी ने अलग-अलग बंदियों से बातचीत की और कारागृह में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों से भोजन, पेयजल, चिकित्सीय सुविधा और सफाई व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया। बंदियों से यह भी पूछा गया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। इस दौरान बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनकी आवश्यकताओं तथा उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ऐसे बंदियों की स्थिति के संबंध में जानकारी ली, जो निजी अधिवक्ता करने में सक्षम नहीं हैं अथवा आर्थिक या अन्य कारणों से विधिक सहायता के अभाव में बिना अधिवक्ता के कारागृह में निरूद्ध हैं।
बंदियों को बताया गया कि पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक असमर्थता के कारण कोई व्यक्ति अपने मामले में कानूनी सहायता से वंचित न रहे।
सचिव भाटी ने ऐसे बंदियों के संबंध में भी जानकारी ली, जिनकी जमानत हो जाने के बाद भी वे किसी कारणवश कारागृह में निरूद्ध हैं। उन्होंने संबंधित बंदियों से उनके प्रकरणों की स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें उनके मामलों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उनके प्रकरणों से संबंधित जानकारी समझाने के साथ विधिक प्रक्रिया के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सचिव ने कारागृह में हाल ही में आए बंदियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनसे कथित घटना अथवा आरोपित अपराध के समय उनकी आयु के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बंदियों की समस्याओं और उनके मामलों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया गया।

जिला कारागृह में बंदियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि सभी बंदियों की ओपीडी के समय स्वास्थ्य जांच की जाती है। किसी बंदी की तबीयत गंभीर होने या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर उसे उपचार के लिए राजकीय बांगड़ अस्पताल, पाली रेफर किया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बंदियों से भी जानकारी ली गई और उनकी चिकित्सा संबंधी आवश्यकताओं के बारे में पूछा गया।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागृह पाली के कारापाल जोराराम, उपकारापाल नरेश तथा जेल विजिटिंग लॉयर अल्ताफ हुसैन सहित संबंधित कारागृह स्टाफ मौजूद रहा।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बंदियों से सीधे संवाद के माध्यम से कारागृह में उपलब्ध सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, कानूनी सहायता और बंदियों की व्यक्तिगत समस्याओं की जानकारी ली गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बंदियों को उपलब्ध व्यवस्थाओं की स्थिति जानने के साथ यह सुनिश्चित करना रहा कि जरूरतमंद बंदियों को उनके अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी मिल सके।



