राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर पाली में गूंजा स्वस्थ जीवन का संदेश, आयुर्वेद को दिनचर्या में अपनाने पर जोर

पाली : 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को न्यू हाउसिंग बोर्ड, पाली में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग, पाली की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आयुर्वेद चिकित्सकों, विभागीय कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद, संतुलित आहार, योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम “Ayurveda for a Healthier Tomorrow” (आयुर्वेद—एक स्वस्थ कल के लिए) रखी गई। कार्यक्रम में आयुर्वेद की उपयोगिता और निवारक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों से स्वस्थ जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत भगवान धन्वंतरि के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने आयुर्वेद की परंपरा एवं स्वास्थ्य संरक्षण में इसकी भूमिका पर चर्चा की।
कार्यक्रम में बताया गया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य को बनाए रखने और जीवनशैली को संतुलित रखने पर भी जोर देता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। संतुलित आहार, नियमित योग, उचित दिनचर्या एवं ऋतुचर्या तथा निवारक स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
आयुर्वेद की प्राचीन एवं वैज्ञानिक जीवन पद्धति को दैनिक जीवन में अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच नियमित दिनचर्या, संतुलित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों को अपनाना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद विभाग की ओर से जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। विभागीय स्तर पर लोगों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
उप निदेशक आयुर्वेद विभाग, पाली डॉ. कल्याण प्रसाद मीणा ने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली एवं समग्र स्वास्थ्य के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने जिलेवासियों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने ‘स्वस्थ व्यक्ति–स्वस्थ परिवार–स्वस्थ समाज’ के संकल्प को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में तेजसिंह चौहान, मानवेन्द्र सिंह भाटी, जाडन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से राजवीर सिंह मीणा, महाप्रबंधक उपदेशक, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवकुमार शर्मा, डॉ. रविन्द्र सहारिया सहित आमजन, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों सहित विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता रही। आयोजन के माध्यम से आयुर्वेद आधारित स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, आयुर्वेद चिकित्सकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। जिला स्तरीय आयोजन के माध्यम से आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।



