पाली में 51वीं संगीतमय रामलीला की तैयारियां शुरू, पूजा-अर्चना के साथ पूर्वाभ्यास का हुआ शुभारंभ

पाली : दशहरा पर्व के अवसर पर पाली नगर निगम क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली श्री रामलीला कमेटी की संगीतमय रामलीला के 51वें मंचन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रामलीला मंचन से पहले बुधवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पूर्वाभ्यास का श्रीगणेश किया गया। इस दौरान रामलीला से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय कलाकारों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
श्री रामलीला कमेटी की ओर से इस वर्ष भी भव्य एवं संगीतमय रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला के 51वें मंचन को लेकर कलाकारों में उत्साह है और आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए नियमित पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया गया है।
कमेटी के प्रवक्ता मांगू सिंह दुदावत ने बताया कि रामलीला के पूर्वाभ्यास का शुभारंभ 23 सितंबर 2026 को स्थानीय संत श्री दयानंद बगीची, कुम्हारों का बास, रामदेव रोड, पाली में किया गया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कलाकारों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों और संवादों का अभ्यास शुरू किया।
पूर्वाभ्यास का निर्देशन निर्देशक हरिचरण वैष्णव तथा सहायक निर्देशक गणेशाराम परिहार के निर्देशन में किया जा रहा है। कलाकारों को संवाद, अभिनय, मंच संचालन और संगीत से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अभ्यास कराया जा रहा है।
रामलीला के 51वें मंचन में पाली के स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा और सेवाएं प्रदान करेंगे। इनमें रोहित शर्मा, गोविंद गोयल, गणेश परिहार, घनश्याम भाटी, जयश शर्मा, परमेश्वर सिंह, ज्ञानचंद राठौड़, कंचन, मांगू सिंह दुदावत, लक्की खान, तृप्ति दुदावत सहित अनेक कलाकार शामिल हैं।
खास बात यह है कि रामलीला से जुड़े कई कलाकार बिना किसी पारिश्रमिक के अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कलाकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से स्वेच्छा से आयोजन से जुड़े हैं।
श्री रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने वाली यह रामलीला पाली के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में विशेष स्थान रखती है। इस वर्ष इसका 51वां मंचन होने जा रहा है। लगातार कई वर्षों से रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, मर्यादा और उनके संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के जरिए दर्शकों को सत्य, धर्म, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा जैसे मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है। आयोजन से जुड़े कलाकार और पदाधिकारी इसे धार्मिक परंपरा के साथ भारतीय संस्कृति और लोककला के संरक्षण का माध्यम भी मानते हैं।
रामलीला मंचन से जुड़े स्थानीय कलाकारों द्वारा बिना किसी पारिश्रमिक के सेवाएं देना आयोजन की खास बात है। कलाकार अपने नियमित कार्यों के साथ समय निकालकर पूर्वाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। उनका उद्देश्य केवल मंचन में भाग लेना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को पहुंचाना भी है। कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार स्थानीय कलाकारों की इसी सहभागिता से रामलीला की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है।
पूर्वाभ्यास के शुभारंभ अवसर पर श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवराज चौहान, निर्देशक हरिचरण वैष्णव, सहायक निर्देशक गणेशाराम परिहार, दयानंद बगीची के संस्थापक छवरलाल माली, भंवर सिंह राजपूत, कालूराम घांची, शांतिलाल शर्मा, बाबूलाल सहित स्थानीय कलाकार और रामलीला से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
आयोजन की तैयारियों के साथ कलाकारों का पूर्वाभ्यास आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। दशहरा पर्व के अवसर पर होने वाले रामलीला मंचन में भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और भारतीय संस्कृति के संदेश को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।



