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विधि महाविद्यालय में विद्यार्थियों को दिलाया नशे से दूर रहने का संदेश, ‘गोल्डन नो’ के जरिए समझाया बचाव का तरीका

पाली : राजकीय विधि महाविद्यालय, पाली में गुरुवार को नई किरण नशा मुक्ति केंद्र के सहयोग से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, कानूनी एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और महाविद्यालय के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले नुकसान के साथ-साथ इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि स्वस्थ दिनचर्या, संतुलित खान-पान और सकारात्मक सोच को जीवन का हिस्सा बनाकर नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहा जा सकता है।

मुख्य वक्ता एवं न्यूट्रिशन विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा पुरोहित ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक खान-पान, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने स्वस्थ आदतों को अपनाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. तपन पुरोहित ने नशे के कानूनी एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से संबंधित कानूनी प्रावधानों और इसके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के संदर्भ में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कानून के विद्यार्थी होने के नाते समाज में नशा मुक्ति और जागरूकता का संदेश आगे पहुंचाने की अपील की।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरिफ मोयल ने ‘‘रूल ऑफ गोल्डन नो’’ के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे से बचाव के लिए शुरुआत में ही इससे दूरी बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विद्यार्थियों को COTPA Act के प्रावधानों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यार्थियों से अपने आसपास के लोगों और समाज में भी नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल नशे से दूरी बनाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि नियमित दिनचर्या, पौष्टिक भोजन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ गतिविधियों को भी जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से अपनी दिनचर्या में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और नशे से संबंधित किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन से दूर रहने की अपील की।

कार्यक्रम में डॉ. नेमीचंद, डॉ. कीर्तिपाल सिंह काबावत, सुश्री स्वेच्छा यादव सहित महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

Rajasthan Today

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