एक स्वर में गूंजा ‘वंदे मातरम्’, पाली में 16 स्थानों पर 4,765 लोगों ने किया सामूहिक गायन

पाली : राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को पाली में भी देशभक्ति और गरिमामय वातावरण में सामूहिक वंदे मातरम् गायन हुआ। प्रातः 11 बजे जिले में सरस्वती शिक्षा समिति द्वारा संचालित विभिन्न विद्या मंदिरों में विद्यार्थियों, अभिभावकों, आचार्यों, प्रबंध समिति सदस्यों और समाज के नागरिकों ने एक साथ राष्ट्रगीत का गायन कर मातृभूमि के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा एवं प्रचार विभाग के गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरस्वती शिक्षा समिति के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में कुल 16 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें सरस्वती विद्या मंदिर, सरस्वती बालिका विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर, श्री हंस निर्वाण सरस्वती विद्यालय, एम. शांतिलाल मेहता सरस्वती विद्या निकेतन, सरस्वती शिशु वाटिका सर्वोदय नगर एवं आदर्श विद्या मंदिर सहित अन्य संस्थान शामिल रहे।
इन सभी आयोजनों में पाली में कुल 4,765 विद्यार्थियों, अभिभावकों, आचार्यों और प्रबंध समिति सदस्यों ने सहभागिता की। निर्धारित समय पर विद्यालय परिसरों में एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक एकता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस राष्ट्रगीत ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता की भावना को जागृत करने तथा राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के शब्दों में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का भाव भी निहित है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
आयोजकों के अनुसार विद्या भारती की ओर से आयोजित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम की खास बात यह रही कि 25 सितम्बर को सुबह 11 बजे देशभर में लगभग 25 हजार स्थानों पर एक ही समय पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।
देश के अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े लोगों का एक निर्धारित समय पर एक ही राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन विविधता में एकता का संदेश देने वाला आयोजन बना।

वक्ताओं ने कहा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, देश के लिए किए गए त्याग एवं बलिदान की परंपरा और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और करोड़ों देशवासियों की सामूहिक चेतना से निर्मित एक जीवंत भाव है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के सम्मान का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एडवोकेट अशोक अरोड़ा, राजकीय महाविद्यालय सोजत के प्राचार्य डॉ. महेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र लखेरा, सरस्वती शिक्षा समिति की अध्यक्ष ऊषा अखावत, विनीता तनवानी, दुर्गावाहिनी की प्रिया चौहान, कमल गोयल, मदन सिंह राजपुरोहित तथा सरस्वती शिक्षा समिति के सचिव चंदन सिंह राजपुरोहित सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सामूहिक गायन के दौरान विद्यालय परिसरों में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने राष्ट्रहित में अपने दायित्वों का निर्वहन करने, सामाजिक एकता बनाए रखने और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया।



