सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, महिलाओं को समयबद्ध सहायता देने के निर्देश

पाली : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के उप सचिव पंकज सौरभ ने शुक्रवार को राजकीय बांगड़ चिकित्सालय परिसर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर (OSC), पाली का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में पीड़ित एवं जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं और सहायता व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) की कार्यप्रणाली और महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की।
महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उप सचिव ने सखी वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधा, काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता और कानूनी सहायता की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने महिला हेल्पलाइन (WHL) के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की भी जानकारी ली। अधिकारियों से प्राप्त मामलों की संख्या, उनमें की गई कार्रवाई तथा जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता के बारे में जानकारी ली गई।
उप सचिव ने केंद्र के विभिन्न रजिस्टर, रिकॉर्ड एवं प्रकरणों से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रकरणवार जानकारी लेते हुए यह भी जाना कि महिलाओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप किस प्रकार की सहायता एवं काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पंकज सौरभ ने निर्देश दिए कि सखी वन स्टॉप सेंटर पर आने वाली जरूरतमंद एवं पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध तरीके से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि जरूरतमंद महिलाएं केंद्र पर उपलब्ध सहायता और सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता ले सकें।
निरीक्षण के दौरान मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) की गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की भी जानकारी ली गई।
जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने बताया कि DHEW की ओर से महिलाओं और बालिकाओं को विभिन्न विभागीय योजनाओं, सरकारी सेवाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए महिला सभाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामुदायिक कार्यक्रमों और विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अपने अधिकारों और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकें।

DHEW की ओर से बताया गया कि महिलाएं और बालिकाएं सहायता के लिए फोन कॉल, केंद्र पर स्वयं उपस्थित होकर अथवा अन्य माध्यमों से संपर्क करती हैं। प्राप्त प्रकरणों में महिला की आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
इस दौरान DHEW एवं महिला अधिकारिता विभाग की ओर से महिलाओं को उपलब्ध कराई गई सहायता से जुड़े सफल प्रकरणों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी भी उप सचिव के समक्ष प्रस्तुत की गई।
निरीक्षण के बाद उप सचिव पंकज सौरभ ने सखी वन स्टॉप सेंटर और DHEW के कार्मिकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम महिलाओं एवं बालिकाओं को आवश्यक सहायता और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कार्मिकों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य जारी रखने और उपलब्ध सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान DHEW के कार्मिक, जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री, सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं, महिला सहायता से जुड़े प्रकरणों और जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा के साथ महिलाओं तक सरकारी सहायता एवं सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।



