राव सीहाजी के 753वें बलिदान दिवस पर बिठू में गूंजे वीरता और देशभक्ति के गीत, भजन संध्या में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

पाली : मारवाड़ में राठौड़ राजवंश के मूलपुरुष राव सीहाजी के 753वें बलिदान दिवस पर बिठू गांव स्थित उनके वीरगति स्थल पर श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रात्रि जागरण एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया। कल्पवृक्ष साहित्य सेवा संस्थान एवं वंदेमातरम् शिक्षण समूह, पाली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में वीर रस और देशभक्ति के गीतों के माध्यम से राव सीहाजी के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को याद किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वीरगाथाओं और भजनों के माध्यम से मारवाड़ के गौरवशाली इतिहास को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन बिठू गांव में उसी स्थान पर किया गया, जहां मान्यता के अनुसार राव सीहाजी ने युद्ध करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। वीरगति स्थल पर आयोजित इस रात्रि जागरण ने उपस्थित लोगों को इतिहास और वीरता की गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम के संयोजक शक्तिसिंह भाटी ने बताया कि भजन गायक पारस दाधीच बिठू ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में वीरता और शौर्य का वातावरण बना दिया। उन्होंने ‘राठौड़ों रो धूंसों’, ‘रणबंका राठौड़’ और ‘जब इस धरती पर राजपूत…’ जैसे वीर रस से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति दी। इन गीतों के माध्यम से राठौड़ राजवंश के पराक्रम, संघर्ष और बलिदान की गाथाओं को स्वर दिया गया।
वहीं गीतकार प्रवणी त्रिवेदी भांवरी ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण का भाव जागृत किया। उनकी प्रस्तुतियों के दौरान कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। वीरता और देशप्रेम से जुड़े गीतों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
आयोजकों ने बताया कि राव सीहाजी मारवाड़ के राठौड़ राजवंश के मूलपुरुष के रूप में स्मरण किए जाते हैं। उनका जीवन शौर्य, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। उनके बलिदान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को मारवाड़ के गौरवशाली इतिहास, वीर परंपराओं और पूर्वजों के त्याग से परिचित करवाना है।
वीरगति स्थल पर रात्रि जागरण आयोजित करने के पीछे भी यही भावना रही कि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास और महापुरुषों के बलिदान को याद रखें तथा उनके आदर्शों से प्रेरणा लें।

इस अवसर पर वंदेमातरम् शिक्षण समूह के निदेशक राजेन्द्र सिंह भाटी, विश्व हिंदू परिषद जोधपुर प्रांत के प्रांत नैतिक शिक्षा प्रमुख पवन पाण्डेय, पाठ्यपुस्तक मंडल पाली डिपो प्रबंधक भंवरसिंह राठौड़ चोटिला, प्रह्लाद सिंह राठौड़, शेरसिंह राठौड़, जोगसिंह भाटी बिठू, नारायण सिंह जोधा बिठू, सुदर्शन सिंह उदावत, संग्राम सिंह जोधा मोरिया, मोहन सिंह, पारस दाधीच बिठू, पन्नालाल सेन, बालूदास वैष्णव, श्रवणपुरी, लालाराम सुथार, रामसिंह राजपुरोहित, चन्द्र सिंह राजपुरोहित एवं बाबू मभाई बंजारा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी सहयोगियों एवं ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वीरगति स्थल पर आयोजित इस आयोजन ने राव सीहाजी के बलिदान को स्मरण करते हुए मारवाड़ की वीर परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का संदेश दिया।



