जैसलमेर बॉर्डर पर रक्षाबंधन: मातृशक्ति ने BSF जवानों को बांधे रक्षा सूत्र, वीर रस के कवि प्रमोद भंसाली ने किया देशभक्ति काव्य पाठ

पाली : भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और कर्तव्य का संदेश देने वाला त्योहार है। इसी भावना को साकार करते हुए जैसलमेर बॉर्डर पर स्थित चमत्कारी माता तनोटरायजी मंदिर में इस बार रक्षाबंधन का विशेष आयोजन हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आई बालिकाओं और युवतियों ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनसे मातृभूमि की रक्षा का वचन लिया और उनके साहस, त्याग व समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

इस अवसर पर पाली के प्रसिद्ध वीर रस के युवा कवि प्रमोद भंसाली अपनी पत्नी खुशबू और पुत्री खुशी के साथ विशेष रूप से बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस, देशप्रेम और बलिदान को शब्दों में पिरोते हुए ओजस्वी काव्य पाठ किया। कवि प्रमोद ने शहादत के महत्व और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों के अमर योगदान का स्मरण कराया। उनकी पंक्तियों ने वहां मौजूद सभी के हृदय को छू लिया और वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।
BSF के जवानों ने भी भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोषों के साथ कवि प्रमोद का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें अपने परिवार की याद दिलाने के साथ ही देश के लोगों के अटूट स्नेह और समर्थन का अहसास कराते हैं।
माता तनोटरायजी मंदिर परिसर में आयोजित यह रक्षाबंधन कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सीमाओं पर तैनात जवानों के मनोबल को सुदृढ़ करने और नागरिकों तथा सैनिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करने का प्रतीक बन गया।



