पाली : जिला न्यायाधीश का बड़ा फैसला, जमीन विवाद में स्टे खारिज, 64 लाख नकद लेनदेन की जांच के आदेश

पाली : जिला न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार ने शुक्रवार को एक अहम आदेश पारित करते हुए लक्ष्मण कुमार बनाम विकास लोढा मामले में बड़ा फैसला दिया।
मामले में लक्ष्मण कुमार ने महावीर नगर स्थित 1250 वर्गफीट भूमि को कई बार बेचने के बाद भी उसे पुनः विकास लोढा को 95 लाख रुपए में विक्रय कर दिया और उसी भूमि पर स्टे की मांग न्यायालय से की। अदालत ने लक्ष्मण कुमार के इस आचरण को अनुचित मानते हुए कहा कि वह “स्वच्छ हाथों” से न्यायालय में नहीं आया है। इस आधार पर स्टे की प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया।
64 लाख नकद लेन-देन की जांच के आदेश
न्यायालय ने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि विकास लोढा ने जमीन खरीदने के लिए 64 लाख रुपए नकद लक्ष्मण कुमार को दिए। इस पर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (RBANMS Educational Institution Vs B. Gunashekar, 16 अप्रैल 2025) का हवाला देते हुए कहा कि 2 लाख से अधिक नकद लेन-देन आयकर अधिनियम की धारा 269ST का उल्लंघन हो सकता है। इस पर आयकर विभाग, पाली को जांच के निर्देश दिए गए।
स्टांप ड्यूटी चोरी की भी जांच होगी
कोर्ट ने यह भी पाया कि जमीन का विक्रय विलेख (Sale Deed) सिर्फ 31 लाख रुपए पर दर्ज किया गया, जबकि शेष 64 लाख रुपए का उल्लेख व पंजीयन शुल्क (Stamp Duty) अदा नहीं किया गया। इस पर उप-पंजीयन कार्यालय, पाली को भी नियमानुसार कार्रवाई करने और बकाया स्टांप ड्यूटी वसूलने के आदेश दिए। इस फैसले को पाली में जमीन सौदों में पारदर्शिता और नकद लेन-देन पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



