
पाली : महिला अधिकारिता विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को संकल्प-एचईडब्ल्यू 10 दिवसीय जनजागरूकता अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम SBI&RSETI सेंटर पाली में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की जानकारी देते हुए बताया कि गर्भधारण के बाद भ्रूण का लिंग बताना या पता करवाना कानूनी अपराध है, जिसका उल्लंघन करने पर कठोर सजा का प्रावधान है। उन्होंने मुखबिर योजना के बारे में भी जानकारी साझा की और घटते लिंगानुपात को रोकने के लिए इस अधिनियम की अहमियत पर प्रकाश डाला।

गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुमन चौधरी ने बालिकाओं से माहवारी स्वच्छता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने संक्रमण से बचाव, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली सुधार जैसे पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का पालन करने से तनाव और चिंता कम होती है और महिलाएं शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहती हैं। इस मौके पर SBI&RSETI निदेशक दीपक गहलोत, विभागीय अधिकारी और 15 से 20 बालिकाएं उपस्थित रहीं।



