सुमेरपुर विधानसभा में अतिवृष्टि से हालात बिगड़े, मंत्री जोराराम कुमावत ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

पाली : पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री और सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र में अतिवृष्टि से हुए व्यापक नुकसान का जायजा लिया। मंत्री कुमावत ने ग्राम पंचायत बिरामी की ढाणी, बड़ली, नौखरा बेरा सहित कई गांवों का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और हालात की जानकारी ली।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान मंत्री ने राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं और जलभराव की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण कई स्कूल और सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं और कच्ची बस्तियों में जलभराव से बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

मंत्री ने सिंचाई विभाग को बांधों और तालाबों की कड़ी निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं, फसलों में पानी भराव से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई गई। उन्होंने तहसीलदार और पटवारियों को फसल खराबे का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, साथ ही पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क करने के आदेश दिए।
इस मौके पर शिवराज सिंह, जयेंद्र सिंह गलथनी, जोराराम देवासी, महिपाल सिंह कर्णोत, शांतिलाल, सूजाराम चौधरी, छगन सिंह पुरोहित, पटवारी हितेश चौधरी, सज्जन सिंह, ग्राम सेवक भगवत सिंह राठौड़, मीठालाल, पीएचईडी एईएन खैमराज बैरवा सहित कई लोग मौजूद रहे।
नगरपालिका सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
दौरे के बाद मंत्री कुमावत ने नगरपालिका सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर मरम्मत प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जलभराव वाले इलाकों से तेजी से पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करने को कहा।

तहसीलदार दिनेश आचार्य ने बताया कि प्रशासन द्वारा राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, कपड़े और बिस्तर की व्यवस्था की गई है। आपदा राहत टीम अलर्ट मोड पर है और प्राथमिकता के तौर पर लोगों तक राहत पहुंचाने के बाद शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा।
बैठक में पूनम सिंह परमार, महेंद्र माली, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि शिवराज सिंह, बीडीओ प्रमोद दवे सहित पीडब्ल्यूडी, पीएचईडी, चिकित्सा, विद्युत निगम के अधिकारी और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



