नेत्रदान जागरूकता कार्यशाला में एएनएम प्रक्षिणार्थियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

पाली : राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के समापन के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एवं आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, पाली चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन सोमवार को राजकीय बांगड़ चिकित्सालय स्थित ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और प्रशिक्षणार्थियों को नेत्रदान की सम्पूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर समाज में योगदान दे सकें।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से नेत्रदान की प्रक्रिया, महत्व व इससे जुड़े मिथक को दूर करने पर जोर दिया गया। डॉ. आर. के. गर्ग ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को समझाया कि नेत्रदान सभी धर्म, जाति, लिंग, आयु व रक्त समूह के व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेत्रदान मृत्यु उपरांत ही संभव है और इससे दो नेत्रहीनों को रोशनी मिल सकती है।
नेत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ. विपुल नागर ने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद भी नेत्रदान संभव है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप या सांस की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति भी मृत्युपरांत नेत्रदान के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। उन्होंने प्रक्षिणार्थियों से संकल्प लिया कि वे अपने क्षेत्र में लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करेंगे।
ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य के. सी. सैनी ने बताया कि नेत्रदान की प्रक्रिया छह से आठ घंटे के भीतर पूरी होनी चाहिए। शव को कहीं ले जाने की आवश्यकता नहीं रहती, बल्कि आई बैंक सोसायटी के सदस्य ही मृतक के घर जाकर कोर्निया निकालते हैं। इससे शव की शारीरिक अखंडता बनी रहती है।

आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान, पाली चैप्टर के सचिव केवल चंद कवार ने बताया कि इस प्रक्रिया में केवल 15-20 मिनट का समय लगता है। उन्होंने लोगों को नेत्रदान के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। संस्था अध्यक्ष हुक्मी चंद मेहता ने कहा कि इच्छुक लोग बांगड़ चिकित्सालय परिसर में संचालित आई बैंक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 9252066000 / 9414123335 पर सूचना दे सकते हैं।
कार्यशाला में नेत्ररोग विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सुनैना हटेला, डॉ. मुकेश गोदारा, डॉ. सुभाष सैनी, प्रशिक्षक पारसमल कुमावत, शिवनारायण दाधीच, पीराराम सोलंकी सहित आई बैंक सोसायटी की डॉ. प्रतीभा गर्ग, गौतम चंद रांका, हेमंत चोपड़ा, जहूर खान, राजेष आदि शामिल रहे। लगभग 80 ए.एन.एम. प्रशिक्षणार्थी व 60 बीएससी नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के अंत में के.सी. सैनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त किया।



