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प्राधिकरण सचिव भाटी ने किया जिला कारागृह का आकस्मिक निरीक्षण, बंदियों की विधिक व चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया

पाली : राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश) विक्रम सिंह भाटी ने बुधवार को जिला कारागृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान 103 बंदी निरूद्ध पाए गए।

सचिव भाटी ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी भोजन व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं, पेयजल उपलब्धता, सफाई व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी बंदी बिना विधिक सहायता के, अपने मामले की उचित जानकारी के अभाव में निरूद्ध न रहे। इसके लिए उन्होंने कारागृह में निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का महत्व रेखांकित किया।

सचिव भाटी ने यह भी ध्यान दिया कि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी बंदी को जिला कारागृह में निरूद्ध न रखा जाए। इसके अलावा, जिन बंदियों की जमानत आदेशित हो चुकी थी, परंतु वे फिर भी कारागृह में थे, उनके प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली गई और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए सचिव भाटी ने बताया कि प्रत्येक बंदी की नियमित ओपीडी जांच की जाती है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में बंदियों को तुरंत राजकीय बांगड़ अस्पताल पाली रेफर किया जाता है। इस दौरान जोराराम कारापाल जिला कारागृह, रविंद्र परिहार मेल नर्स, कारागृह डिस्पेन्सरी सुश्री वैशाली व्यास, जेल विजिटिंग लॉयर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिव भाटी ने निर्देश दिए कि नियमित रूप से इस प्रकार का निरीक्षण जारी रखा जाए ताकि बंदियों को मानवीय, कानूनी व चिकित्सीय दृष्टि से उचित सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी न्यायिक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता न रहे। यह पहल बंदियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Rajasthan Today

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