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जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने समझाया यौन उत्पीड़न का कानूनी परिप्रेक्ष्य, शी-बॉक्स के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत की प्रक्रिया बताई

पाली : जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय स्तर के “10 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान” के अंतर्गत सी पी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट रामदेव रोड, पाली में कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से बचाव पर एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को “लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम 2013)” समेत विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

कार्यशाला में जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने बताया कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न की परिभाषा क्या है, किस प्रकार के व्यवहार को गैरकानूनी माना जाता है और महिलाओं को किन कानूनी अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से यह बताया कि उत्पीड़न कोई सिर्फ सहकर्मी या प्रबंधक द्वारा ही नहीं, बल्कि ग्राहक, विक्रेता, ठेकेदार आदि द्वारा भी हो सकता है। उन्होंने जोर दिया कि उत्पीड़न कार्य वातावरण को शत्रुतापूर्ण बनाकर महिला कर्मचारियों के करियर में बाधा डालता है।

राजश्री ने यह भी बताया कि उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ जागरूकता जरूरी है। पीड़िता को हमेशा अपनी बात खुलकर कहने की हिम्मत रखनी चाहिए और आवश्यक हो तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत शी-बॉक्स के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो।

इस अवसर पर महिलाओं को यह भी बताया गया कि समाज की मानसिकता में बदलाव लाकर ही लैंगिक उत्पीड़न की समस्या का स्थायी समाधान संभव है। महिलाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। कार्यशाला में उपनिदेशक महिला अधिकारिता विभाग भागीरथ चौधरी के दिशा-निर्देशानुसार 20 से 25 किशोरी बालिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपनी जिज्ञासाएं पूछीं और विषय पर गहन चर्चा की।

इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना, उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम हेतु कानून की जानकारी देना, और पीड़िताओं को आत्मनिर्भर बनाकर सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाना बताया गया।

कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को शी-बॉक्स से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया का प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। इस पहल से जिले में महिलाओं को सशक्त बनाने और सुरक्षित कार्यस्थल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

Rajasthan Today

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