पाली : “शहर चलों अभियान” हुआ फेल, जनता की समस्याएं बनीं अनसुलझी

पाली : राज्य सरकार की ओर से शहरी जनता को राहत देने के उद्देश्य से चलाया गया “शहर चलों अभियान” महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। यह अभियान जनता की जनसुनवाई व समस्याओं का तत्काल समाधान करने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन नगर निगम द्वारा आयोजित वार्ड 62, 63, 64 का संयुक्त शिविर पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। आयोजन स्थल सरदार पटेल, दूध डेयरी सामुदायिक भवन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की आशा में पहुंचना शुरू किया, लेकिन उन्हें अधिकारीगण के ठहरे अनुपस्थित होने से गहरा आघात लगा।
विशेष रूप से प्रताप नगर बाढ़ राहत आवासीय योजना के तहत पट्टे के लिए पहुंचे सैकड़ों निवासियों को ना तो पट्टे जारी किए गए, और ना ही कोई प्रक्रिया पूरी करने की पहल हुई। इस पर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त हो गया। पूर्व पार्षद एवं जिला कांग्रेस कमेटी पाली के संगठन महामंत्री भंवरराव के नेतृत्व में लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

महिलाओं ने शहरी नरेगा जोब कार्ड से रोजगार के लिए आवेदन करने के बावजूद रोजगार न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया। वार्ड संख्या 64 के नागरिकों ने विशेष रूप से खस्ताहाल सड़कों, टूटे क्रोस, क्षतिग्रस्त नालियों और गंदगी की समस्या को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उपस्थित नागरिकों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद राजेन्द्र मेघवाल, भंवरलाल मकवाना, पुषाराम मेघवाल, चिमनलाल वर्मा, भूपेन्द्र सिंह, पीराराम बंजारा, मंगलाराम मेघवाल, छोटू कोली, जगदीश देपन, भंवरसिंह हरियावत, बुधाराम भाट, शंकर बंजारा, रमेश रेगर, रामनिवास खटिक, वीरमाराम बावरी, वासूदेव, खीमाराम मेघवाल, हेमीदेवी बंजारा, शांतिदेवी माली, शांतिदेवी बंजारा, शुगनादेवी मेघवाल, रूकमादेवी बंजारा सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

जनता का कहना है कि यदि जल्द समस्या समाधान नहीं हुआ तो वे एकजुट होकर सड़कों पर आंदोलन करेंगे। वहीं, नगर निगम की इस लचर कार्यप्रणाली को लेकर जनसमुदाय में गहरा असंतोष व्याप्त है। सरकार एवं प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग जोर पकड़ने लगी है।



