जिला कलक्टर एलएन मंत्री ने वीसी के माध्यम से प्रभावी रोकथाम व व्यापक जागरूकता कार्यक्रम लागू करने के दिए सख्त निर्देश

पाली : राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान के तहत जिला कलक्टर एलएन मंत्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तर एवं उपखंड स्तर पर प्रभावी रोकथाम व जागरूकता अभियान को मजबूत करने के निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग टीना अरोड़ा ने अभियान की गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर (12 अगस्त 2025 से 24 जनवरी 2026) साझा किया।
जिला कलक्टर मंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे बाल विवाह की रोकथाम के लिए संकल्पबद्धता के साथ कार्य करें। विशेष रूप से ICDS, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य सभी सम्बंधित विभाग सक्रिय हो कर जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित करें। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया, पीपल पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। इसके तहत जिला व उपखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही इन नंबरों को सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने का निर्देश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिले भर के किशोरियाँ, महिला समूह, स्वयं सहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, साथिन सहयोगिनी इत्यादि को सक्रिय कर प्रभावी समन्वय बैठक आयोजित करने हेतु निर्देशित किया गया। सभी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि विवाह कराने में सहयोग देने वाले—जैसे हलवाई, पंडित, वेण्डर, टेंट वाले, ट्रांसपोर्टर—को अभियान से अवगत कराकर कानून का सख्ती से पालन कराया जाए।
जिला कलक्टर ने ग्राम सभाओं, चेतना बैठकों और स्कूलों में बाल विवाह के दुष्प्रभाव व कानूनी प्रावधानों पर व्यापक चर्चा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल जागरूकता से ही नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही बाल विवाह जैसी कुप्रथा का उन्मूलन संभव है।
इस अवसर पर एडीएम अश्विनी के पंवार, संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इस अभियान के तहत जल्द ही व्यापक प्रचार प्रसार अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक जनमानस इसके प्रति संवेदनशील बने। यह अभियान न केवल बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि समाज में स्वस्थ परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



