पाली : ई.एस.आई. अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर इंटक का जोरदार प्रदर्शन

पाली : पाली में लगभग 50 वर्षों से चल रहे कर्मचारी राज्य बीमा (ई.एस.आई.) अस्पताल की दुर्दशा अब सार्वजनिक समस्या बन गई है। अस्पताल में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन करीब 80 से 90 मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर राष्ट्रीय मिल मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिला महामंत्री व पूर्व पार्षद भंवर राव ने शनिवार को मण्डिया रोड स्थित रैफरल ई.एस.आई. चिकित्सालय प्रभारी अधिकारी के सामने धरना प्रदर्शन कर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की।

भंवर राव ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम में हर माह श्रमिक व संस्थान का योगदान लगभग 4 प्रतिशत मूल वेतन से जमा होता है, ताकि श्रमिक वर्ग का इलाज नि:शुल्क व सुगम तरीके से हो सके। लेकिन चिकित्सकीय स्टाफ के अभाव में यहां मरीजों की दुर्दशा बढ़ती जा रही है। मौजूदा वर्षा एवं मौसमी बीमारियों के दौर में यह स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है।
धरने के दौरान इंटक पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्य गिरधारी बंजारा, नारायणलाल चौहान, नाथूलाल बंजारा, ओमप्रकाश बंजारा, किशन बंजारा, जगदीश बंजारा, अवधेश सिंह, कालू राम, प्रभू राम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि अगर निदेशालय और जिला प्रशासन एक सप्ताह के भीतर चिकित्सक (फिजिशियन), नर्सिंग स्टाफ और अन्य आवश्यक पदों पर नियुक्ति नहीं करवाता है तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन में अस्पताल में चल रहे रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग के साथ-साथ बेहतर चिकित्सा सेवाओं, आवश्यक दवाइयों और अवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की बात कही गई। इंटक ने स्पष्ट किया कि इस समस्या का संपूर्ण जिम्मेदार निदेशालय एवं जिला प्रशासन होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रवासियों में भी भारी नाराजगी व्याप्त है। स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में नागरिक मजबूरी में निजी खर्च उठाकर इलाज करवाने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक हालत और भी खराब हो रही है। यह समस्या राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीर नजरिए पर सवाल खड़ा करती है। आगामी सप्ताह में यदि समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन व्यापक रूप ले लेगा।



