योगाभ्यास, जंक फूड के दुष्प्रभाव पर व्याख्यान, पौधारोपण और CPR प्रशिक्षण के साथ समृद्ध हुआ कार्यक्रम

पाली : विश्व ओजोन दिवस 2025 के अवसर पर पाली जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, इंद्रानगर में मंगलवार को एक व्यापक शैक्षिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सही जीवनशैली और आकस्मिक प्राथमिक चिकित्सा से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ आरोग्य भारती के जिला योग प्रमुख विजय राज सोनी द्वारा प्राणायाम एवं योग आसनों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य कैसे सुधरता है, और यह तनाव मुक्त जीवन जीने में किस प्रकार मदद करता है।
जिले के प्रमुख स्वास्थ्य सुधारक डॉ. हजारीमल चौधरी ने “जंक फूड के दुष्प्रभाव” विषय पर विद्यार्थियों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फास्ट फूड, अत्यधिक तैलीय भोजन और शक्करयुक्त पदार्थों के सेवन से उत्पन्न होने वाले मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पर चेतावनी दी। साथ ही प्राथमिक उपचार और CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि विद्यार्थी आकस्मिक स्थिति में मदद कर सकें।

कार्यक्रम के तीसरे सत्र में जिला सचिव डॉ. अखिल व्यास ने “स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण” विषय पर प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने आयुर्वेद के सिद्धांत, वनौषधियों के महत्व और प्रदूषण कम करने के उपायों को समझाया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों की संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रदूषण की रोकथाम और सतत जीवनशैली अपनाने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रमुख एवं संयोजक दिनेश त्रिवेदी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि “वृक्ष ही धरती का सबसे बड़ा रक्षा कवच हैं” और हर नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनना चाहिए।
अंत में संस्था प्रधान मोहनलाल भदावत ने अतिथियों, समाजसेवी सचिन ओड, समस्त शिक्षकगण और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त किया। यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि उन्हें समाज में अपनी जिम्मेदारी समझने और सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित भी किया।



