बिंजा गाँव में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर हुआ विशेष कार्यक्रम, वरिष्ठ नागरिकों के योगदान और अधिकारों पर डाली गई रोशनी

पाली : जिला के बिंजा गाँव में ग्रामीण विकास विज्ञान समिति पाली द्वारा यूरोपीय संघ के सहयोग से संचालित एसएबीएल परियोजना के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, योगदान और अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।
एसएबीएल परियोजना समन्वयक महितोष बागोरिया ने बताया कि 1 अक्टूबर को विश्वभर में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “पूर्णाधिकारों और गरिमा के साथ वृद्धावस्था” पर आधारित है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज के लिए केवल सहयोग के पात्र नहीं, बल्कि स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक सकारात्मक बदलाव के सक्रिय भागीदार हैं। उनका अनुभव, ज्ञान और भूमिका समाज की भलाई और अधिकारों की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

क्षेत्रीय पर्यवेक्षक हेमलता भाटी ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे परिवार और समाज की धरोहर हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। वे केवल घर की नींव ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के जीवित स्वरूप हैं।
कार्यक्रम में यह आह्वान किया गया कि प्रत्येक वृद्धजन को सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए समाज, परिवार, संस्थाएं और सरकार को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गाराम पटेल और मोहनलाल मेघवाल ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया।

क्षेत्रीय पर्यवेक्षक राजू सिंह ने परियोजना के अंतर्गत सिल्वीपाश्चर की जानकारी दी और कार्यक्रम के अंत में सभी महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में लगभग 85 ग्रामीणजन, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, बालिकाएं एवं पुरुष शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वृद्धजनों के प्रति सम्मान व संवेदना का संदेश दिया।



