बाड़मेर में सियासी हलचल तेज, मेवाराम जैन–ताजाराम चौधरी की मुलाकात ने बढ़ाई कांग्रेस खेमे में हलचल

बाड़मेर। जिले की राजनीति में इन दिनों एक खास मुलाकात ने हलचल मचा दी है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन और पूर्व प्रधान धोरीमन्ना ताजाराम चौधरी के बीच हुई भेंट ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को और गहरा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अशोक गहलोत की सियासी रणनीतियों को समझना आसान नहीं होता, और यह मुलाकात भी उसी गहराई की ओर इशारा करती दिख रही है। कांग्रेस संगठन में इस बैठक को लेकर हलचल तेज हो गई है।
हाल ही में पार्टी आलाकमान ने मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी को मंजूरी दी थी, जिसे बाड़मेर की जनता ने बड़े स्वागत के साथ स्वीकार किया। उनके पिछले कार्यकाल में जनहित और विकास को लेकर जो मिसालें कायम हुईं, वे आज भी लोगों के जेहन में ताज़ा हैं। यही वजह है कि मेवाराम जैन दोबारा जनता की पहली पसंद के रूप में उभरते दिख रहे हैं।
राजनीतिक संकेतों के लिहाज से यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि इस मुलाकात के सियासी मायने आने वाले समय में बाड़मेर की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।



