राणावास स्कूल के जीर्णोद्धार में जुटे भामाशाह, 40 लाख जुटाकर किया शिक्षा का “महायज्ञ” कलेक्टर ने की भूरी-भूरी प्रशंसा

पाली/मारवाड़ जंक्शन। शिक्षा क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों की एक प्रेरणादायी मिसाल राणावास गांव में देखने को मिली, जहां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्टाफ व ग्रामीण भामाशाहों ने मिलकर करीब 40 लाख रुपये जुटाकर विद्यालय के जीर्णोद्धार की अनूठी पहल की है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए सोमवार को जिला कलक्टर एल.एन. मंत्री विद्यालय पहुंचे और आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह में सभी सहयोगकर्ताओं को माला पहनाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कलेक्टर मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि
शिक्षा के क्षेत्र में समाज की ऐसी सक्रिय भागीदारी अन्य सभी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। ग्रामीणों ने जिस संवेदनशीलता और सहयोग की भावना से विद्यालय को नया रूप देने का कार्य शुरू किया है, वह वास्तव में अद्भुत और अनुकरणीय है।

12 कक्षाओं का हो रहा जीर्णोद्धार — एक-एक कक्षा की जिम्मेदारी भामाशाहों ने ली
विद्यालय के प्रधानाचार्य गुलाबराम हटेला ने बताया कि स्कूल की इमारत काफी जर्जर स्थिति में थी। झालावाड़ हादसे से सतर्क होकर विद्यालय स्टाफ ने जीर्णोद्धार की अपील की, जिस पर ग्राम के भामाशाह आगे आए।
अब 8 कक्षाओं का नवीनीकरण जारी है, जिन पर प्रत्येक कक्षा पर ₹2.11 लाख खर्च किए जा रहे हैं। कुल 12 कमरों की मरम्मत का खर्च भामाशाहों ने स्वयं वहन किया है।

विजयराज कटारिया परिवार राणावास (हाल चेत्त्रई) ने मुख्य गेट निर्माण के लिए ₹7,77,077 की घोषणा की।
पोखर सीरवी ने छत निर्माण के लिए ₹5 लाख का सहयोग दिया। समाजसेवी हेमंत सीरवी द्वारा तीन फीट चौड़ा फुटपाथ बनाया जा रहा है। सभी कमरों में फर्नीचर, पंखे व इनवर्टर लगाए जा चुके हैं।

स्मार्ट सुविधाओं से लैस होगा विद्यालय परिसर
विद्यालय में CCTV कैमरे, ओपन जिम, पिंक टॉयलेट (बेटियों के लिए), स्टेज, डिजिटल स्मार्ट क्लास रूम के लिए स्मार्ट टीवी स्क्रीन, कंप्यूटर लैब व वाई-फाई की सुविधा भी विकसित की जा रही है।

भामाशाहों व समाजसेवियों को मिला सम्मान
सम्मान समारोह में एडीएम डॉ. बजरंग सिंह, प्रेरक हेमंत सीरवी, पोखरराज सीरवी (भवन निर्माण ठेकेदार), विजयराज कटारिया (व्यापारी-समाजसेवी), दुर्गाराम सीरवी, प्रधानाचार्य गुलाबराम हटेला, हेमंत सीरवी, कन्हैयालाल, चतराराम सीरवी, गुडासुर सिंह राणावास, राजेंद्र सिंह राठौड़, भरत कुमार गर्ग, रमेश कुमार हीरागर, महेंद्र कुमार, भुराराम सीरवी, किशन पंवार, इंद्रचंद कोठारी, रामेश्वर चौधरी व विजेंद्र सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।



