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पाली : राष्ट्रीय सेविका समिति का विजयादशमी उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया, शस्त्र-शास्त्र पूजन के साथ गूंजी राष्ट्रभक्ति की गूंज

पाली। विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सेविका समिति, जिला पाली द्वारा शस्त्र पूजन का कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन जिले के सभी खंडों की शाखाओं में एक साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में सेविकाओं ने भागीदारी निभाई और मातृशक्ति का सामूहिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदनीय मौसीजी लक्ष्मीबाई केलकर, वंदनीय सरस्वती ताई आप्टे तथा भारत माता के पूजन से हुई। इसके बाद अमृत वचन, सुभाषित, एकल गीत और समूह गीतों की मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण राष्ट्रभक्ति और संस्कृति की भावना से गूंज उठा।

मुख्य वक्ताओं के प्रेरक उद्बोधन के बाद शस्त्र पूजन समारोह संपन्न हुआ, जहां नियुक्त सेविकाओं ने शारीरिक प्रदर्शन कर अनुशासन और संगठन की शक्ति का परिचय दिया। कार्यक्रम में सेविकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज्ज होकर ‘शक्ति और संस्कृति के संगम’ का सशक्त संदेश दिया।

इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व का रहा, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष और राष्ट्रीय सेविका समिति ने 90 वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवसर पर सेविकाओं में अपूर्व उत्साह, गर्व और समर्पण की भावना देखने को मिली।

भजन शाखा, जीजाबाई शाखा (नया हाउसिंग बोर्ड), अहिल्याबाई शाखा (पुराना हाउसिंग बोर्ड), कौशल्या शाखा, मीराबाई शाखा, भवानी शाखा, भगिनी निवेदिता शाखा, मैत्री शाखा, मरवाड़ जंक्शन शाखा, खिवाड़ा शाखा और ए.वी.एन. सवित्री शाखा — पर शस्त्र और शास्त्रों का पूजन किया गया।

भजन शाखा में प्रांत कार्यवाहिका माननीय सुमन रावलोत का पाथेय रहा, जबकि मधु बोहरा और उषा व्यास मुख्य अतिथि रहीं।
अहिल्याबाई व मीराबाई शाखा में सुमन पुरोहित (सह-संपर्क प्रमुख) ने उद्बोधन दिया।
अंजना सर्राफ (विभाग कार्यवाहिका) ने भगिनी निवेदिता शाखा, रोहट में मार्गदर्शन दिया, वहीं दीपिका ओझा, लक्ष्मी और रेणु ने भी प्रेरक विचार साझा किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सोनाक्षी, मधु काकाणी सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।

विभिन्न शाखाओं में आयोजित कार्यक्रमों में लक्ष्मी (जिला कार्यवाहिका), भाग्यश्री (सह-जिला कार्यवाहिका), खुशी (शारीरिक प्रमुख), कोमल, नवरत्न, मंजू सिरवी, शोभा, चंद्रकिरण, भाग्यवती, रेखा, पालक, अरुणा, चंदा, मनिषा आदि कार्यकारिणी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

राष्ट्रीय सेविका समिति की स्थापना सन् 1936 में वंदनीय मौसीजी लक्ष्मीबाई केलकर द्वारा वर्धा में की गई थी। उन्होंने डॉ. हेडगेवार से प्रेरणा लेकर महिलाओं के लिए संघ जैसी शाखाओं की नींव रखी।
शुरुआत में मात्र 12 महिलाओं से शुरू हुआ यह संगठन आज विश्व का सबसे बड़ा महिला संगठन बन चुका है, जो राष्ट्र, समाज और संस्कृति के संरक्षण व नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है।

आज समिति की शाखाओं में सेविकाओं को मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक प्रशिक्षण के माध्यम से नेतृत्व, मातृत्व और कर्तव्यबोध की शिक्षा दी जाती है, जिससे वे राष्ट्रनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सकें।

Rajasthan Today

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