
पाली : जवाहर नवोदय विद्यालय जोजावर में सोमवार को ‘विकसित भारत बिल्डथॉन-2025’ का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लेकर विकसित, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में अपने विचार और नवाचार साझा किए।

विद्यालय के प्राचार्य डी.सी. गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान ‘विकसित भारत’ के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर नए आयाम स्थापित कर रहा है। विज्ञान आज मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है—प्रभात से लेकर दिन के अंत तक विज्ञान हमारे साथ है। कार्यक्रम के संयोजक सौरभ श्रीवास्तव, शैलेश पडया और मेहुल डायस ने विद्यालय परिसर में विज्ञान व प्रौद्योगिकी से जुड़े पोस्टर, बैनर और प्रदर्शनी के माध्यम से एक प्रेरणादायक वातावरण तैयार किया।
प्रातः 10 बजे विद्यालय के बहुउद्देश्यीय कक्ष में टीवी स्क्रीन के जरिए विद्यार्थियों और स्टाफ ने केंद्रीय शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा संबोधित लाइव सत्र देखा। मंत्री ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए चल रहे नवाचार, शोध और तकनीकी अभियानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न विद्यालयों जैसे केन्द्रीय विद्यालय, दून स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित अनेक सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों के छात्रों ने सीधे मंत्री से संवाद किया और ‘विकसित भारत’ को लेकर अपने प्रश्न पूछे।

इस संवादात्मक कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय जोजावर के छात्रों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत के विजन-2047’ को साकार करने के लिए अपने सुझाव और नवाचार प्रस्तुत किए। “कैसे विज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से 2047 तक भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित किया जा सकता है।”
विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि “आज का मानव बिना विज्ञान के अधूरा है। विकसित भारत की दिशा में हर विद्यार्थी की सोच और सहभागिता ही वास्तविक परिवर्तन का आधार बनेगी।” कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए यह प्रतिज्ञा ली कि वे अपने ज्ञान, अनुसंधान और कौशल के बल पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।




