लिप्पन आर्ट कार्यशाला का हुआ समापन, छात्राओं ने दिखाई पारंपरिक कला में सृजनशीलता, प्राचार्य डॉ. विनिता कोका ने बढ़ाया हौसला

पाली : राजकीय महाविद्यालय में ड्रॉइंग एवं पेंटिंग विभाग तथा इनोवेशन एंड स्किल डेवलपमेंट समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साप्ताहिक लिप्पन आर्ट कार्यशाला का आज समापन हुआ। यह कार्यशाला 8 जनवरी से निरंतर आयोजित की जा रही थी, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सृजनशीलता और लोक कला के प्रति रुचि का प्रदर्शन किया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं द्वारा तैयार की गई आकर्षक लिप्पन आर्ट कृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विनिता कोका ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लिप्पन आर्ट भारतीय पारंपरिक लोककला की जीवंत पहचान है, जो न केवल रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ाव भी बनाए रखती है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे इस तरह की कला एवं नवाचार से जुड़ी कार्यशालाओं में अधिकाधिक भागीदारी करें।
कार्यशाला सहायक आचार्य ज्योति शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुई। समापन सत्र में प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान इनोवेशन एंड स्किल डेवलपमेंट समिति के संयोजक कुलदीप राखेचा, ड्रॉइंग एवं पेंटिंग विभाग से लीला चौधरी, ज्योति शर्मा, तथा संकाय सदस्य प्रसेन पंवार, डॉ. महेंद्र कुमार, मुकेश पाणेचा, राकेश मीणा, रवीना, देवीलाल, भोजराज चारण और राजकिरण उपस्थित रहे।
महाविद्यालय परिसर में हुई इस कार्यशाला ने छात्राओं को न केवल कला कौशल सिखाया बल्कि लोक संस्कृति, परंपरा और आधुनिक सृजनात्मकता का सुंदर संगम भी प्रस्तुत किया।



