पाली : राष्ट्र सेविका समिति के 90वें वर्ष समारोह पर शस्त्र पूजन और राष्ट्रभक्ति का भव्य आयोजन

पाली : विभाग में राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापक वंदनीय मौसीजी लक्ष्मीबाई केलकर और लक्ष्म्य स्वरूपा वंदनीय सरस्वती ताई आप्टे के स्मरण में भव्य शस्त्र पूजन एवं दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत माता के समक्ष शस्त्र पूजन कर सेविकाओं ने राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति के संदेश को आगे बढ़ाया।
यह आयोजन पाली विभाग के सोजत सिटी, सोजत रोड, जैतारण, रायपुर, सुमेरपुर, सादड़ी, पिपलिया कला, राणी, गणावा, जैतारण और बाली सहित कई स्थानों पर संपन्न हुआ। विभाग कार्यवाहिका अंजना सर्राफ ने बताया कि सभी शाखाओं में शास्त्रों और शस्त्रों का पूजन किया गया और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत गीतों का गायन भी हुआ।

प्रांत प्रचारिका ऋतु शर्मा ने मौसीजी लक्ष्मीबाई केलकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 6 जुलाई 1905 को नागपुर में हुआ था। मात्र 27 वर्ष की आयु में विधवा होने के बावजूद उन्होंने समाज और राष्ट्र सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया। उन्होंने महिलाओं के लिए शाखाओं के आयोजन की प्रेरणा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डॉ. हेडगेवार से प्राप्त की और 25 अक्टूबर 1936 को वर्धा में राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना की।
ऋतु शर्मा ने कहा कि उस समय जब महिलाएँ परंपरागत सीमाओं में बंधी थीं, तब घर से निकलकर शाखा में जाना क्रांतिकारी कदम था। राष्ट्र सेविका समिति राष्ट्र, परिवार और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत है और बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। शस्त्र पूजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि शक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्ररक्षा की भावना का प्रतीक है।
संपर्क विभाग की सुमन पुरोहित ने अपने उद्बोधन में समाज में समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “मंदिर, पानी और श्मशान” हिंदुओं के एक होने के प्रतीक हैं और परिवार के सभी सदस्य मिलकर मंगल संवाद करें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए “पानी बचाओ, प्लास्टिक हटाओ, पेड़ लगाओ” जैसे संकल्प लेने का आह्वान किया।

प्रांत कार्यवाहिका डॉ. सुमन रावलोत ने कहा कि सेविकाओं को सीता माता के आदर्शों को अपनाते हुए शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को समाज में आने वाली चुनौतियों, जैसे लव जिहाद जैसी घटनाओं से सचेत रहने के लिए शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से सशक्त होने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सेविकाओं ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में शक्ति, समर्पण और सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहेंगी। इस कार्यक्रम में सुधा जोशी (सोजत), लक्ष्मी जाट (रोहट), भाग्यश्री (पिपलिया कला), नीतू जांगिड़ (सोजत रोड) तथा जिला कार्यवाहिका लक्ष्मी सहित सभी अधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।



