पाली : तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 शुरू, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की कवायद तेज

पाली : जिला प्रशासन एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से “तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0” के तहत पाली जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रखना और पहले से सेवन कर रहे व्यक्तियों को इसे छोड़ने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान 08 दिसंबर तक जिलेभर में चलाया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. विकास मारवाल ने दी जानकारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि 60 दिवसीय इस विशेष कार्ययोजना के तहत जिलेभर में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
शिक्षा विभाग की बैठक में तंबाकू मुक्त संस्थान पर जोर
शुक्रवार को शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय निष्पादन समिति की बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के सायकोलॉजिस्ट एवं एएनएम प्रशिक्षण केंद्र के प्रिंसिपल के.सी. सैनी ने शिक्षण संस्थानों को “तंबाकू मुक्त संस्थान” घोषित करने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को स्कूल के दौरान तंबाकू सेवन से दूर रखना शिक्षकों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए हर विद्यालय को तंबाकू मुक्त वातावरण विकसित करना होगा।

उन्होंने शिक्षा विभाग से इस दिशा में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राहुल राजपुरोहित, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा एनटीसीपी के रेवन्तराम कुम्हार उपस्थित रहे। तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों के लिए नौ सूचकांक अनिवार्य राजकीय बांगड़ चिकित्सालय में संचालित तंबाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केंद्र के प्रभारी के.सी. सैनी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए नौ सूचकांक निर्धारित किए गए हैं। इनका पालन हर स्कूल और कॉलेज को करना होगा —
संस्थान में प्रमुख स्थानों पर “तंबाकू मुक्त परिसर” बोर्ड प्रदर्शित करना। मुख्य प्रवेश द्वार पर जिम्मेदार अधिकारी का नाम, पदनाम और संपर्क सूत्र सहित बोर्ड लगाना। परिसर में तंबाकू सेवन के कोई प्रमाण (सिगरेट, बीड़ी, गुटखा पाउच आदि) न होना। तंबाकू के दुष्प्रभावों से संबंधित जागरूकता सामग्री का प्रदर्शन। हर छह माह में कम से कम एक तंबाकू नियंत्रण गतिविधि आयोजित करना। तंबाकू मॉनिटर का नाम और संपर्क विवरण प्रदर्शित करना।
तंबाकू निषेध को संस्था की आचार संहिता में शामिल करना। संस्थान की बाउंड्री वाल से 100 गज के दायरे को चिह्नित करना। उक्त परिधि में किसी भी तंबाकू उत्पाद की दुकान का संचालन न होना। स्व-मूल्यांकन से होगी प्रमाणन प्रक्रिया
सैनी ने बताया कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान को पहले गूगल फॉर्म के माध्यम से स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट भरनी होगी। इसके बाद प्रशासन द्वारा स्थल सत्यापन किया जाएगा। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को जिला प्रशासन की ओर से “तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान प्रमाणपत्र” जारी किया जाएगा।



