
जोधपुर। शिक्षा विभाग ने छात्राओं की सुरक्षा और निजता से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जोधपुर के ओलंपिक चौराहा स्थित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के प्रधानाध्यापक शकील अहमद को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रधानाध्यापक ने 16 वर्षीय छात्रा की निजता का उल्लंघन करते हुए उसका मोबाइल फोन जब्त कर उसके निजी डेटा की जांच की।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में कक्षा 11वीं की एक छात्रा का मोबाइल फोन जप्त किया गया था। इसके बाद प्रधानाध्यापक ने बिना अभिभावकों को सूचित किए छात्रा को अपने कक्ष में बुलाया और जबरन मोबाइल का लॉक खुलवाकर उसकी गैलरी, कॉल लॉग्स, मैसेज और सोशल मीडिया अकाउंट्स तक खंगाल डाले।
घटना की जानकारी मिलने पर छात्रा के पिता ने शिक्षा विभाग में लिखित शिकायत दी, जिसमें मानसिक उत्पीड़न और निजता के हनन का आरोप लगाया गया। इसके बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने स्कूल पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि यदि फोन में कोई निजी जानकारी होती तो उसका दुरुपयोग या ब्लैकमेलिंग का खतरा हो सकता था।
मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), जोधपुर ने अपनी रिपोर्ट में इसे छात्रा की निजता का गंभीर उल्लंघन माना। रिपोर्ट के आधार पर निदेशक, माध्यमिक शिक्षा बीकानेर, सीताराम जाट (IAS) ने राजस्थान असैनिक सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के तहत शकील अहमद को निलंबित करने के आदेश जारी किए।
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में शकील अहमद का मुख्यालय कार्यालय निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर रहेगा और उन्हें नियमों के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्य) माध्यमिक जोधपुर को तीन दिन में अनुशासनात्मक कार्यवाही का पूर्ण प्रस्ताव भेजने और संबंधित अधिकारी को तुरंत ऑनलाइन कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है और विभाग ने संकेत दिए हैं कि छात्राओं की सुरक्षा और निजता से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा।



