पाली : उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित, डिजिटल साक्षरता व 100% साक्षरता लक्ष्य पर जोर

पाली : राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड जिला प्रशिक्षण केंद्र बजरंग बाड़ी, पाली में आज ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्वावधान में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के संचालन एवं क्रियान्वयन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी राहुल कुमार राजपुरोहित ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिलीप करमचंदानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी राहुल कुमार राजपुरोहित ने सभी प्रधानाचार्यों और साक्षरता प्रभारियों से कहा कि वे साक्षरता के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता को भी जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी और डिजिटल जानकारी भी आवश्यक है।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दिलीप करमचंदानी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा और साक्षरता योजना का लाभ पहुँचना ही असली लक्ष्य है। उन्होंने शत-प्रतिशत साक्षरता प्राप्त करने का संकल्प दोहराया।
सी.ओ. स्काउट गोविंद मीणा ने कहा कि वर्तमान युग में डिजिटल जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, जिससे लोग नई तकनीक और डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित उपयोग कर सकें। प्रधानाचार्य शक्ति सिंह तंवर ने नव-साक्षरों को जोड़ने और सरकार की साक्षरता योजनाओं पर प्रकाश डाला। वहीं, नाथूराम जाट ने डिजिटल फ्रॉड से बचाव और साइबर सुरक्षा के प्रति सभी को सतर्क रहने का संदेश दिया।
अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र डाबी ने सांसद खेल महाकुंभ और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवाराम चौधरी ने अवार्ड शीट ऑनलाइन प्रक्रिया और विद्यालय पुस्तकालयों में साक्षरता गतिविधियाँ आयोजित करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में बतौर अतिथि देवेंद्र डाबी, देवाराम चौधरी, सी.ओ. स्काउट गोविंद मीणा, सी.ओ. गाइड डिंपल दवे, आर.पी. प्रभु सिंह राजपुरोहित, शिवराम, तनुप्रिया बारहठ, कमलेश वैष्णव, विनोद पुनर, अशोक डांगी, शोभा कवर, हेमलता अरोड़ा, तेजवीर सिंह सहित समस्त प्रधानाचार्य और साक्षरता प्रभारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य साक्षरता मिशन को मजबूत बनाना, शिक्षकों को प्रशिक्षण देना और डिजिटल युग में साक्षरता को जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना रहा।



