सारण स्थित निर्मला पीर मठ के 24वें गुरु श्री श्री 1008 बख्तावर महाराज का देवलोकगमन, क्षेत्र में छाया गहरा शोक, मठ परिसर में बनी समाधि

पाली, जोजावर : निकटवर्ती सारण स्थित निर्मला पीर मठ के 24वें गुरु एवं मठाधीश श्री श्री 1008 बख्तावर महाराज का देवलोकगमन हो गया है। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जोधपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
महाराज बख्तावर के निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भक्तों, अनुयायियों और समाजजनों का मठ में आना-जाना देर रात तक जारी रहा। लोग फूल-मालाएं अर्पित कर अपने प्रिय गुरु को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। महाराज बख्तावर जी अपने सरल स्वभाव, धार्मिक प्रवृत्ति और समाज सेवा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने जीवनभर एकता, भाईचारे और आध्यात्मिकता का संदेश दिया। वे लंबे समय से निर्मला पीर मठ की गद्दी पर आसीन रहकर धर्म, सेवा और समाज के कार्यों में सक्रिय रहे।

उनके असंख्य अनुयायी मंगरा, जोजावर, रणकपुर, फालना, सांडेराव सहित आसपास के अंचलों में फैले हुए हैं। महाराज के देवलोकगमन के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ मठ में उमड़ पड़ी। मठ परिसर में ही उनकी समाधि का निर्माण किया गया, जहां भावपूर्ण माहौल में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर रावत समाज के वरिष्ठजन, साधु-संत और अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समाज के गणमान्य लोगों ने कहा कि बख्तावर महाराज का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके आशीर्वचन और आध्यात्मिक यात्राओं ने अनगिनत लोगों के जीवन में प्रकाश फैलाया। उनके देवलोकगमन से निर्मला पीर मठ सहित पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।




