राजस्थान की स्वास्थ्य योजनाएं बनी देश के लिए मिसाल, केन्द्र के कॉमन रिव्यू मिशन दल ने की मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना, मा वाउचर, मिशन मधुहारी की सराहना

जयपुर : राजस्थान की नवाचारपूर्ण स्वास्थ्य योजनाएं देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बनती जा रही हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, मा वाउचर योजना, रामाश्रय वार्ड, मिशन मधुहारी और नि:शुल्क दवा-जांच जैसी योजनाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 17वें कॉमन रिव्यू मिशन की रिपोर्ट में इन योजनाओं को जनकल्याणकारी और प्रेरणादायी पहल बताया गया है।
कॉमन रिव्यू मिशन दल ने झुंझुनूं और नागौर जिलों में चिकित्सा सेवाओं का 31 अक्टूबर से 7 नवम्बर तक निरीक्षण किया। इसके बाद गुरुवार को स्वास्थ्य भवन जयपुर में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में फीडबैक बैठक आयोजित हुई, जिसमें दल ने अपने अवलोकन और सुझाव साझा किए।
दल के सदस्य डॉ. रंजन चौधरी (एनएचएसआरसी सलाहकार) ने कहा कि दुर्गम इलाकों में गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध करवाने की मा वाउचर योजना एक अभिनव और प्रेरणादायक मॉडल है, जिससे अब तक 3 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ‘पिंक पखवाड़ा’ अभियान से एनीमिया नियंत्रण के लिए एफसीएम इंजेक्शन प्रदान किया जाना एक शानदार नवाचार है।
दल ने ‘सात रंगीन बेडशीट नीति’, शाला दर्पण और कलेवा योजना, तथा मिशन मधुहारी जैसी पहलों की भी प्रशंसा की, जिनसे मातृ स्वास्थ्य, बच्चों की देखभाल और गैर-संचारी रोग नियंत्रण में प्रभावी सुधार हुए हैं।
मुख्य शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि यह राजस्थान के लिए गर्व का विषय है कि केन्द्र का जांच दल राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि दल के सुझावों पर जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके।
बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव, आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कॉमन रिव्यू मिशन दल में डॉ. बी.एस. चरण, डॉ. अनुराधा मोंगा, डॉ. धीरज मेघवाल, डॉ. योगेश कुमार जैन सहित कई विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने राजस्थान की स्वास्थ्य नीतियों को “देशभर में लागू करने योग्य मॉडल” बताया।



