महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को मिला नया आयाम, पाली में हुआ महिला अधिकारिता विभाग की योजनाओं का आमुखीकरण कार्यक्रम

पाली : महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग पाली द्वारा सोमवार को सुल्तान सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पुलिस लाइन, पाली में एक महत्वपूर्ण आमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह आयोजन महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक के निर्देशानुसार विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया गया, जिसमें सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला सलाह सुरक्षा केंद्र तथा 181 महिला हेल्पलाइन जैसी प्रमुख सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला हब एम्पावरमेंट ऑफ वूमन से जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने बताया कि सखी वन स्टॉप सेंटर ऐसी महिलाओं के लिए आश्रयस्थल है जो किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना का सामना कर रही हैं। यहां पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे 10 दिनों तक आश्रय, चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक एवं परामर्श सेवाएं प्रदान की जाती हैं। वर्तमान में यह केंद्र बांगड़ अस्पताल, पाली में संचालित है।
उन्होंने बताया कि 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से कोई भी जरूरतमंद महिला तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती है — चाहे मामला घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से जुड़ा हो।

पाली जिले में सोजत के बगड़ी, मारवाड़ जंक्शन, फालना, सुमेरपुर, रोहट एवं पाली ब्लॉक में कुल पांच महिला सलाह सुरक्षा केंद्र सक्रिय हैं।
इन केंद्रों पर घरेलू विवाद, कानूनी समस्याओं और हिंसा से जूझ रही महिलाओं को मुफ्त परामर्श और रेफरल सेवाएं दी जाती हैं, जिससे उन्हें न्याय और सुरक्षा दोनों का सहारा मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित 50 से अधिक बालिकाओं ने महिला सुरक्षा, अधिकार और विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर सतीश सहरण, इंदूबाला, ललिता मूलचंदानी तथा स्कूल कोऑर्डिनेटर राजू मेन्सन सहित शिक्षकों और छात्राओं ने सहभागिता की।



