पाली को-ऑपरेटिव बैंक में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बड़ी शुरुआत, PACS कम्प्यूटरीकरण को मिली नई रफ्तार

पाली : दी पाली सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पाली में 72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के तहत शुक्रवार को ‘परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में डिजिटलीकरण की भूमिका’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बैंक अधिकारी-कर्मचारियों, ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पदाधिकारियों तथा जिले के सहकारी क्षेत्र के गणमान्यों ने भाग लिया।
बैंक के प्रबंध निदेशक प्रशांत कल्ला ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में डिजिटलीकरण पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम बन रहा है। बैंक से संबद्ध ग्राम सेवा सहकारी समितियों में PACS कम्प्यूटरीकरण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय अनुशासन और योजनाओं की उपयोगिता तेजी से बढ़ी है। कल्ला ने बताया कि अब PACS के सदस्य अपने वित्तीय लेन-देन, खाते की पारदर्शी जानकारी और रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर देखकर स्वयं सतर्क व जागरूक रह सकते हैं।

पैक्स कम्प्यूटराइजेशन के नोडल अधिकारी पुनीत ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में चयनित 154 PACS में से 64 PACS का ऑन-सिस्टम ऑडिट पूरा कर लिया गया है, जबकि 27 PACS को ई-PACS घोषित किया जा चुका है। यह मॉडल भविष्य में सभी सहकारी समितियों के लिए आदर्श साबित होगा।
अधिशासी अधिकारी किशोरीलाल मेवाड़ा ने कहा कि डिजिटलीकरण से PACS प्रबंधकों की जवाबदेही तय करना आसान होगा और वित्तीय अनियमितताओं पर तत्काल नियंत्रण संभव होगा।
कार्यक्रम में उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पाली जितेन्द्र कुमार, अतिरिक्त अधिशासी अधिकारी जोगेन्द्र सिंह, मुख्य प्रबंधक छोगाराम चौधरी, वरिष्ठ प्रबंधक (विधि) धर्मेन्द्र कुमावत सहित कई अधिकारी और सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अपने सुझाव और अनुभव साझा किए।



