संविधान दिवस पर इमानुअल मिशन स्कूल में सामूहिक प्रस्तावना वाचन और बाल संसद का आयोजन, नालसा योजनाओं की दी जानकारी

पाली : संविधान दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार इमानुअल मिशन उच्च माध्यमिक विद्यालय, पाली में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विशेष समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने की, जबकि मंच संचालन अधिकार मित्र मांगीलाल तंवर ने किया।
भाटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि 26 नवम्बर 1949 भारत के इतिहास का वह गौरवमय दिन है जब देश ने अपने संविधान को अंगीकृत किया था। संविधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने भारतीय संविधान की “प्रस्तावना” का सामूहिक वाचन करवाते हुए छात्रों को इसके मूल तत्वों की जानकारी दी।

नालसा योजनाओं व विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी
सचिव भाटी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, नालसा हेल्पलाइन नंबर, नालसा पोर्टल, निशुल्क विधिक सहायता की पात्रता, पीड़ित प्रतिकर योजना सहित विभिन्न कानूनी आयामों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “न्याय आपके द्वार — लोक उपयोगिता समस्याओं का सुलभ एवं त्वरित समाधान” नामक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत बिजली, पानी, परिवहन, बैंकिंग, बीमा, नगर निकाय, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, एलपीजी सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित शिकायतों की स्थायी लोक अदालत में निःशुल्क सुनवाई की जाएगी।
आमजन अपनी शिकायतें सरल प्रार्थना-पत्र के माध्यम से या व्हाट्सएप नंबर 9119365734 पर भी भेज सकेंगे।
स्कूल में ‘बाल संसद’ का आयोजन, विद्यार्थियों ने शिक्षा के अधिकार पर रखा पक्ष
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों में संसदीय प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की समझ बढ़ाने के लिए बाल संसद का मॉक सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने “शिक्षा का अधिकार” विषय पर सारगर्भित बहस प्रस्तुत की। बाल संसद की अध्यक्षता महिमा परमार ने की। इस अवसर पर विद्यालय के विधिक साक्षरता क्लब के अध्यक्ष नरोत्तम राजपुरोहित, रतनलाल, कीर्ति पारख तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने छात्रों में संविधान, लोकतंत्र और विधिक जागरूकता की भावना को और मजबूत किया।




