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पाली : जेंडर संवेदनशीलता और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर बड़ा जागरूकता कार्यक्रम, 169 बालिकाओं ने ली शपथ

पाली : जेंडर संवेदीकरण एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) पाली टाइप–3 में जिला महिला अधिकारिता विभाग की ओर से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम उपनिदेशक महिला अधिकारिता भागीरथ के निर्देशानुसार आयोजित हुआ, जिसमें महिला सशक्तिकरण विभाग (डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन) की जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने छात्राओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर संबोधित किया।

उन्होंने बताया कि लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध 16 दिवसीय सक्रियता अभियान 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। राजश्री ने कहा कि समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव, हिंसा और कुप्रथाओं को खत्म करने का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है।
उन्होंने छात्राओं को समझाया कि सम्मान और सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है। किसी भी प्रकार की हिंसा की स्थिति में महिलाएं 181 हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, और महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र से तुरंत सहायता ले सकती हैं। साथ ही उन्होंने शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, यौन, भेदभावजनित हिंसा सहित विभिन्न रूपों की जानकारी देकर छात्राओं को सतर्क रहने की सलाह दी।

अभियान के तहत बाल विवाह के नुकसान, स्वास्थ्य खतरे और कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। बालिकाओं को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विभाग की प्रमुख योजनाओं जैसे—लाडो प्रोत्साहन योजना, शिक्षा सेतु, आदि की जानकारी भी दी गई।

राजश्री ने ‘गुड टच–बैड टच’ पर समझाते हुए कहा कि किसी भी गलत स्पर्श का तुरंत विरोध करें, वहाँ से दूर जाएँ और विश्वसनीय बड़ों को बताएं। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या में बालिकाएं पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र, सखी वन स्टॉप सेंटर अथवा महिला सलाह सुरक्षा केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।

यूएनएफपीए पंख परियोजना की काउंसलर मीनाक्षी पंवार ने जेंडर समानता और पॉक्सो अधिनियम 2012 के कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के हर बच्चे को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है। पॉक्सो के तहत अपराध की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग दंड निर्धारित हैं। कार्यक्रम में 1098—चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम में एडीपीसी प्रवीण चारण, केजीबीवी बालिका शिक्षा प्रभारी लक्ष्मण चौधरी, प्रधानाध्यापिका उषा मोबारसा, वार्डन ममता प्रजापत, शिक्षिका जयलता, एलडीसी प्रमिला कंवर सहित कुल 169 बालिकाएं उपस्थित रहीं।

Rajasthan Today

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