1971 के वीर चक्र शहीद देवपाल सिंह देवल को नमन, शहादत दिवस पर ‘देवल मार्ग’ का लोकार्पण, सैन्य सम्मान के साथ उमड़ा राष्ट्रभक्ति का सैलाब

पाली/जोधपुर : भारत-पाक युद्ध 1971 में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले 5/5 गोरखा रेजीमेंट के वीर चक्र विजेता शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट देवपाल सिंह देवल की शहादत दिवस पर आज जोधपुर में भव्य श्रद्धांजलि एवं मार्ग लोकार्पण समारोह आयोजित हुआ। 23 वर्ष की आयु में मातृभूमि पर न्यौछावर हुए इस वीर सपूत को याद करते हुए पूरा समारोह राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत रहा।
28 नवम्बर 1971 को पूर्वी मोर्चे पर ए कंपनी को बचाने के लिए सेकंड लेफ्टिनेंट देवपाल सिंह देवल ने अत्यंत साहस के साथ पाकिस्तानी सेना पर धावा बोला। भीषण संघर्ष में गंभीर रूप से घायल होने पर भी उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और अपनी अंतिम सांस तक लड़ते हुए हैंड ग्रेनेड से पाकिस्तानी भारी मशीनगनों को नष्ट कर दिया। उनके अतुलनीय शौर्य के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

जिला प्रशासन ने 1972 में सरदारपुरा डी रोड का नाम “देवपाल सिंह देवल मार्ग” रखा था। शहादत दिवस पर इस मार्ग पर प्रस्तर नामपट्टिकाओं का नवीनीकरण कार्य पूरा किया गया। सीमा सुरक्षा बल के आईजी एम.एल. गर्ग ने मार्ग का लोकार्पण किया।
समारोह की शुरुआत विशेष अतिथि मेजर जनरल एम. छिब्बर (SM, VSM) द्वारा शहीद की तस्वीर पर पुष्पचक्र अर्पित करके की गई। मुख्य अतिथि आईजी बीएसएफ एम.एल. गर्ग ने भी सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी।
किड्जी स्कूल के नन्हे बालक-बालिकाओं ने अपनी शिक्षिकाओं के साथ कार्यक्रम में भाग लेकर सैन्य परंपरा, देशभक्ति और बलिदान के मूल्यों को आत्मसात किया।
आईजी एम.एल. गर्ग ने अपने संबोधन में कहा हर भारतीय को शहीदों की स्मृतियों को संजोने और ऐसे आयोजनों में सहभागी बन राष्ट्रधर्म निभाना चाहिए।

कार्यक्रम में ऑल इंडिया वेटरन आर्मी ऑफिसर एसोसिएशन, 5/5 गोरखा रेजीमेंट सहित कई सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने शहीद को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम संयोजक कपिल देवल ने बताया कि समारोह में शामिल प्रमुख गणमान्य: लेफ्टिनेंट जनरल ए. छिब्बर, आईजी बीएसएफ एम.एल. गर्ग, राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ. जस्टिस विनीत कोठारी, मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित (से.नि.), सी.डी. देवल (अध्यक्ष, अखिल भारतीय चारण गढ़वी महासभा), महिपाल सिंह उज्ज्वल, शहीद के अनुज कमलसिंह देवल, विंग कमांडर ओम आढ (से.नि.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत, मेवाड़ राजघराने से जान्हवी कुमारी, कई पूर्व पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य जन कार्यक्रम का संचालन नारायण सिंह तोलेसर ने किया।
समारोह के अंत में 5/5 गोरखा रेजीमेंट की ओर से शहीद देवपाल सिंह देवल के अनुज कमलसिंह देवल को रेजीमेंट का स्मृति चिह्न भेंट किया गया।



