पाली : बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मिली गति, जिला प्रशासन व महिला अधिकारिता विभाग ने आयोजित किया विशेष जागरूकता कार्यक्रम

पाली : जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग पाली के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सरदार समंद रोड स्थित कृष्णा कंप्यूटर सेंटर पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन 100 दिवसीय राष्ट्रीय जागरूकता अभियान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट राजश्री ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत बाल विवाह के दुष्परिणामों, सामाजिक पहलुओं और कानूनी प्रभावों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। बाल विवाह न सिर्फ बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि समाज में अनेक सामाजिक और कानूनी चुनौतियों को जन्म देता है।
इसके साथ ही राजश्री ने सखी केंद्र द्वारा पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं—कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहयोग और शेल्टर—के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम में मैनेजर कैलाश कुमार, मोहित, दिनेश, शिक्षकगण और लगभग 25 बालिकाएं उपस्थित रहीं। बालिकाओं ने बाल विवाह रोकथाम, महिलाओं की सुरक्षा और समाज में लैंगिक समानता के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग ने यह स्पष्ट किया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि व्यापक जनसमूह तक जागरूकता का संदेश पहुंच सके।



