ग्राम शिवपुरा के जनसेवी नेमा राम वारोंटीया, 10 साल से घर-घर पहुंचा रहे सेवा, 105 वर्षीय बुजुर्ग का भी किया निःशुल्क सत्यापन

ग्राम पंचायत शिवपुरा के मोड़ावास निवासी नेमा राम वारोंटीया ने पिछले एक दशक में ग्रामीण सेवा का जो उदाहरण पेश किया है, वह आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजसेवी और जनप्रतिनिधि नेमा राम न केवल जनता के बीच लोकप्रिय हैं बल्कि अपने कार्यकाल में लोगों के लिए लगातार समर्पित रहे हैं।

नेमा राम ने वर्ष 2014 में ग्राम पंचायत शिवपुरा में ई-मित्र संचालक एवं ग्रामीण बैंक बीसी के रूप में सेवाएँ शुरू कीं। लोगों की समस्याएँ और जरूरतें देखते हुए गाँव के सभी ग्रामीणों ने वर्ष 2015 में आपसी सहमति से उन्हें निर्विरोध वार्ड पंच चुना। तब से लेकर आज तक उन्होंने घर-घर जाकर लोगों के काम निःस्वार्थ भाव से किए।

नेमा राम ने पिछले वर्षों में सबसे अधिक कार्य बैंकिंग सेवाओं में किया। गाँव के बुजुर्ग, विधवा और विकलांग व्यक्तियों को वह घर पर जाकर ही पेंशन राशि उपलब्ध करवाते हैं। पिछले 6 वर्षों से पेंशन सत्यापन भी निःशुल्क कर रहे हैं। आज उन्होंने ग्राम पंचायत के सबसे बुजुर्ग 105 वर्षीय लादूराम सिरवी का निःशुल्क पेंशन सत्यापन भी किया।

सरपंच प्रतिनिधि के रूप में उनका कार्यकाल उदाहरणीय रहा। गाँव में किसी भी व्यक्ति का अस्पताल से जुड़ा कार्य हो, तो नेमा राम स्वयं उसके साथ जाते हैं। गायों को गोशाला तक पहुंचाना, जीव-जंतुओं की सेवा, और ग्राम पंचायत के दैनिक कार्यों में 6-7 घंटे की नियमित उपस्थिति—ये सब उन्हें आम जन से जोड़ते हैं। पिछले 6 वर्षों में नेमा राम ने हमेशा सभी को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई। वे हर वर्ग और हर परिवार के लिए पूरी निष्ठा से उपलब्ध रहे हैं।



