सड़क सुरक्षा की शपथ मंच पर, नियम सड़क पर टूटे, पाली में प्रभारी मंत्री समेत कई जिम्मेदारों ने नहीं पहनी सीट बेल्ट

पाली : बीजेपी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पाली पहुंचे प्रभारी मंत्री एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्काउट्स द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा पखवाड़े के कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सड़क सुरक्षा की शपथ ली और मंच से मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व आमजन को यातायात नियमों के पालन की प्रतिज्ञा भी दिलाई। मंत्री ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर भी किए।

लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा विरोधाभास देखने को मिला। मंत्री खर्रा बिना सीट बेल्ट लगाए सरकारी वाहन में बैठकर सर्किट हाउस के लिए रवाना हो गए। यही नहीं, पूर्व सभापति बोहरा ने भी कार्यक्रम में शपथ लेने के बावजूद बाद में नियमों की अनदेखी की। हैरानी की बात यह रही कि आरटीओ के उड़न दस्ते में सवार कर्मचारी भी सीट बेल्ट लगाए नजर नहीं आए।

कार्यक्रम में स्काउट्स, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जिन्होंने मंच से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की शपथ ली थी, लेकिन शपथ के तुरंत बाद नियमों की अवहेलना ने पूरे आयोजन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क हादसों में लगभग 40 प्रतिशत मामलों में सीट बेल्ट जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन चलाते समय सीट बेल्ट न लगाना अपराध की श्रेणी में आता है, जिस पर करीब 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सवाल यह है कि जब खुद जिम्मेदार और कानून लागू कराने वाले ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आमजन से सड़क सुरक्षा की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?



