
पाली : कांग्रेस के अग्रिम संगठन एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विजय जोशी के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इंडस्ट्रीज एरिया थाना पुलिस ने मामले को झूठा मानते हुए एफआर (फाइनल रिपोर्ट) कोर्ट में पेश कर दी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता और विजय जोशी के बीच पूर्व से जान-पहचान थी तथा दोनों के बीच लेनदेन का विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर पीड़िता ने 5 दिसंबर को दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को दिए गए बयान और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता ने किसी भी प्रकार की दुष्कर्म की घटना से इनकार किया।

पीड़िता ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि लेनदेन के विवाद के चलते आवेश में आकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने प्रकरण को निराधार और झूठा पाया।
इंडस्ट्रीज एरिया थाना प्रभारी सुमेरपुर दान ने बताया कि मामले के सम्पूर्ण अनुसंधान में आरोप प्रमाणित नहीं हुए, जिसके चलते प्रकरण में एफआर लगाकर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है। अब कोर्ट स्तर पर आगे की कार्यवाही होगी। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, वहीं पुलिस की जांच रिपोर्ट से आरोपी को बड़ी राहत मिली है।



