रैंबो पब्लिक स्कूल पाली में तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट का भव्य शुभारंभ, विद्यार्थियों में दिखा खेलों का उत्साह

पाली : नया गाँव स्थित रैंबो पब्लिक स्कूल, पाली में सोमवार से तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट का भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट श्री निलेश चौधरी, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र आर्य, निदेशक राजेंद्र आर्य, सरोज आर्य एवं मनीषा आर्य द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि का आत्मीय स्वागत किया गया।

इसके पश्चात विद्यालय के चारों हाउस—अरावली, विंध्या, शिवालिक एवं नीलगिरी—के विद्यार्थियों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि को सलामी दी। मुख्य अतिथि निलेश चौधरी ने विद्यार्थियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की शपथ दिलाई। इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था।
स्पोर्ट्स फेस्ट के अंतर्गत खेल प्रभारी शाहनवाज़ राठौड़ एवं दिव्या भट्ट के नेतृत्व में कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के लिए लेमन स्पून रेस, सैक रेस, रिले रेस, बैलून रेस, म्यूजिकल चेयर, बुक बैलेंसिंग, कोन बैलेंसिंग, फ्रॉग रेस, क्रॉसिंग रेस, बाइंडिंग-पेस्टिंग, कलेक्ट द कोन, थ्री लेग रेस, बॉल बिटवीन द लेग एवं खो-खो जैसी रोचक इंटर हाउस प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।

वहीं कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, टग ऑफ वॉर, 50 मीटर एवं 100 मीटर दौड़ की इंटर हाउस खेल प्रतियोगिताएँ कराई गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि निलेश चौधरी ने अपने जीवन से जुड़े खेल अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को खेलों के महत्व से अवगत कराया तथा शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायी योगदान देने का संदेश दिया। प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र आर्य ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ खेल गतिविधियों के लाभ बताते हुए सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। निदेशक राजेंद्र आर्य ने स्पोर्ट्स फेस्ट की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे। तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट विद्यालय में खेल, अनुशासन और टीम भावना को सशक्त बनाने का माध्यम बन रहा है।




