मां आशापुरा गुरुकुल छात्रावास में अभिभावक सम्मेलन, संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया गया जोर

पाली : डॉ. हेडगेवार स्मृति सेवा न्यास द्वारा संचालित मां आशापुरा गुरुकुल घुमंतु जाति छात्रावास में रविवार को अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास में अभिभावकों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना रहा।
सम्मेलन का शुभारंभ छात्रावास के बालकों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत, संस्कृत श्लोक एवं भजनों से हुआ। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का प्रभावी संदेश दिया, जिसे उपस्थित अभिभावकों ने सराहना के साथ सराहा।

मुख्य वक्ता शिक्षाविद् मुकेश कुमार ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि बालकों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं, बल्कि संस्कारों से युक्त शिक्षा ही बच्चों को भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की दिनचर्या, व्यवहार और अध्ययन पर निरंतर ध्यान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आदर्श दिनचर्या पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया, जिसमें अनुशासन, समय प्रबंधन और नैतिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने अभिभावकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष बोहरा राम, सचिव संदीप मेहता, राजेश चौधरी, हंसमुख गोयल, मधु बाहेती, रतन सिंह, लादूराम, दुर्गेश नंदन एवं लालाराम सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं समाजजन उपस्थित रहे। सम्मेलन के समापन पर सभी ने ऐसे आयोजनों को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।



